राज्य शासन ने संप्रेक्षण तथा बाल गृहों की बालिकाओं के साथ हो रहे व्यवहार, संस्थाओं के वातावरण के आंकलन और निरीक्षण के लिये अधिकारियों को संस्थावार जिम्मेदारी सौंपी है. आयुक्त महिला बाल विकास डॉ. अशोक कुमार भार्गव ने आदेश जारी कर 15 अधिकारियों को संस्थाओं का निरीक्षण कर 18 अगस्त तक अनिवार्यतरू प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं.
निरीक्षण के दौरान संस्थाओं के बच्चों की स्थिति, रहन-सहन के लिये उपलब्ध करवाई गई सुविधाओं, अधोसंरचना, भोजन, सुरक्षा के साथ-साथ वहाँ पदस्थ स्टाफ की भी विस्तृत जानकारी ली जायेगी. निरीक्षण का उद्देश्य संस्था का वातावरण बालिकाओं के अनुकूल और सुरक्षित है तथा उनके नैसर्गिक विकास में सहायक है, को सुनिश्चित करना है.
महिला बाल विकास विभाग की अपर संचालक सीमा सिंह ठाकुर, श्रद्धानंद बालाश्रम इन्दौर, अपर संचालक राजपाल कौर शासकीय बालिका गृह एवं सेवाधाम आश्रम उज्जैन का निरीक्षण करेंगी. संयुक्त संचालक तृप्ति त्रिपाठी शासकीय बालिका गृह, मिशनरी ऑफ चैरिटी और बाल निकेतन ट्रस्ट भोपाल, संयुक्त संचालक नकी जहाँ कुरैशी, महादेव सुन्दरम एवं जीवोदय सोसायटी इटारसी और शशिश्याम उईके सागर महिला एवं बाल विकास समिति सागर का निरीक्षण करेंगी.
नेपा नगर जागृति बुरहानपुर और हिन्दू बाल सेवा सदन खण्डवा का निरीक्षण उप संचालक रचना बुधोलिया, लिटिल स्टार फाउंडेशन कटनी उप संचालक मंगलेश सिंह, स्वाध्याय मंच मंदसौर और कुदंन कुटीर संस्थान रतलाम के लिये उप संचालक इन्दौर मंजुला तिवारी, उप संचालक रेखा अग्रवाल आश्रम शांति निकेतन ग्वालियर और द सिस्टर एलिजाबेथ गुना संस्थान का निरीक्षण करेंगी. उप संचालक शिवकली बरकडे़ को आयुश्री सेवा समिति और एवेन्जर शिक्षा समिति बैतूल, उप संचालक ज्योति श्रीवास्तव को संप्रेक्षण गृह विदिशा, उप संचालक श्रीमती मनीषा लुम्बा को राजकुमारी बाई बाल निकेतन और मातृछाया लाड़ली बसेरा गृह जबलपुर, उप संचालक ममता तिवारी को गहोई शिक्षा प्रसार समिति भिण्ड और क्रांतिकला संगम मुरैना और उप संचालक नीलू भट्ट को संप्रेक्षण गृह शहडोल के निरीक्षण का काम सौंपा गया है.
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