आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक अग्रवाल ने मंडला में आदिवासी दिवस पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश में आदिवासियों के अधिकार सुनिश्चित होने चाहिए. संविधान की पांचवीं अनुसूची, 1996 का पेसा कानून और 2006 में बनाया गया वन अधिकार अधिनियम का तत्काल अक्षरश: पालन होना चाहिए.उन्होंने कहा कि आजादी के वाद कई भाजपा और कांग्रेस की कई सरकारें बनीं और इन सरकारों ने आदिवासियों से कई वादे भी किए, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ.अब वादों से मुकरने की यह बाजीगरी नहीं चलेगी. आदिवासी समाज संगठित होकर अपने अधिकारों की लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएगा. उन्होंने कहा कि अगर मध्य प्रदेश में आम आदमी पार्टी की सरकार बनती है तो पांचवीं अनुसूची, पेसा काूनन और वन अधिकार अधिनियम को लागू किया जाएगा और हर आदिवासी परिवार को पट्टे दिए जाएंगे. जनसभा से पहले अग्रवाल के नेतृत्व में आदिवासी अधिकारों के लिए मंडला में वाहन रैली निकाली, जिसमें सैंकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए.इस दौरान पारंपरिक गीतों पर लोकधुनों पर नृत्य किया गया.इसमें आप कार्यकतार्ओं के साथ प्रदेश अध्यक्ष ने भी हिस्सेदारी की. जनसभा में अग्रवाल ने आज चुनाव के माहौल में सभी पार्टियां आदिवासियों के हक की बात कर रही हैं.भाजपा सरकार विज्ञापनों के जरिये यह जता रही है कि उसने आदिवासियों के लिए बहुत काम किया है, लेकिन जमीनी हालात किसी से छिपे नहीं हैं. इसी तरह कांग्रेस के बारे में उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह की सरकार में 10 साल के दौरान 9 बार आदिवासियों पर गोलियां चलाई गईं.उन्होंने कहा कि आजादी के बाद आज तक आदिवासियों के कुछ नहीं मिला है. संविधान में आदिवासियों को आरक्षण दिया गया था और आज भाजपा इस आरक्षण का विरोध कर रही है.वैसे मुद्दा आरक्षण का नहीं है, मुद्दा यह है कि नौकरियां हैं नहीं. 70 नौकरियों के लिए 70 हजार आवेदन आते हैं.उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की मांग है कि यह हालात नहीं होने चाहिए, जितने लोग हों, उतने रोजगार सुनिश्चित किए जाने चाहिए.
जो समाज पिछड़ा है, जो पीछे रह गया है, उसे आगे लाने के लिए आरक्षण जरूरी है. उन्होंने कहा कि आरक्षण हटाने का कोई भी प्रयास किया गया तो आम आदमी पार्टी उसका हर स्तर पर विरोध करेगी. उन्होंने कहा कि विभिन्न परियोजनाओं के नाम पर आदिवासियों को उनके घरों से जंगल से उजाडे की कोशिश की जा रही है. चुटका परियोजना का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि इस परियोजना की बिजली की कोई जरूरत नहीं है. प्रदेश में पहले ही अतिरिक्त बिजली मौजूद है.इससे प्रभावित आदिवासी समुदाय को नहीं उजाड़ा जा सकता है. उन्होंने कहा कि विकास के लिए अगर कोई परियोजना जरूरी है, तो उसे सहमति लेकर बेहतर विस्थापन के बाद ही जमीन को लिया जा सकता है.ं
जो समाज पिछड़ा है, जो पीछे रह गया है, उसे आगे लाने के लिए आरक्षण जरूरी है. उन्होंने कहा कि आरक्षण हटाने का कोई भी प्रयास किया गया तो आम आदमी पार्टी उसका हर स्तर पर विरोध करेगी. उन्होंने कहा कि विभिन्न परियोजनाओं के नाम पर आदिवासियों को उनके घरों से जंगल से उजाडे की कोशिश की जा रही है. चुटका परियोजना का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि इस परियोजना की बिजली की कोई जरूरत नहीं है. प्रदेश में पहले ही अतिरिक्त बिजली मौजूद है.इससे प्रभावित आदिवासी समुदाय को नहीं उजाड़ा जा सकता है. उन्होंने कहा कि विकास के लिए अगर कोई परियोजना जरूरी है, तो उसे सहमति लेकर बेहतर विस्थापन के बाद ही जमीन को लिया जा सकता है.ं

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