बुधवार, 15 अगस्त 2018

समृद्ध मध्यप्रदेश के लिये हर नागरिक का सहयोग और भागीदारी जरूरी



ग्राम सरोवर अभिकरण बनेगा, पाँच हजार तालाब बनेंगे 
मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि नागरिकों के सक्रिय सहयोग और भागीदारी से समृद्ध मध्यप्रदेश का निर्माण होगा. उन्होंने नागरिकों से समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने के लिये सुझाव माँगे.  चौहान ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में हर गाँव में जनजातीय अधिकार सभा बनाई जायेगी. इस सभा को स्थानीय विकास और संसाधनों के उपयोग के संबंध में निर्णय लेने का अधिकार होगा. उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश करने वाली जो औद्योगिक इकाई रोजगार उपलब्ध करायेगी, उसे शासकीय रियायतों में प्राथमिकता दी जायेगी. चौहान आज स्थानीय लाल परेड ग्राउंड पर राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने समारोह में परेड की सलामी ली.
चौहान ने उन सभी अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी, जिनके बलिदान से भारत को आजादी मिली. उन्होंने कहा कि अपना कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए जवानों के परिवारों को एक करोड़ रूपये की सम्मान निधि दी जायेगी. इसमें से 40 प्रतिशत राशि शहीदों के माता पिता के खातों में डाली जायेगी और बाकी शहीद के उत्तराधिकारी को दी जायेगी. माता-पिता को आजीवन पाँच हजार रूपये की पेंशन भी दी जायेगी. यदि शहीदों के बच्चे शहरों में पढ़ने आते हैं, तो उन्हें फ्लैट की सुविधा दी जायेगी. हर साल 14 अगस्त को प्रदेश में शहीद सम्मान दिवस मनाया जायेगा.
चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक सशक्त और समृद्ध भारत का निर्माण हो रहा है. नये भारत का निर्माण करने के लिये नये मध्यप्रदेश का निर्माण करना जरूरी है. हम बीमारू राज्य से प्रगतिशील और अब विकसित राज्य की ओर बढ रहे हैं. अब समद्ध मध्यप्रदेश बनाना है. चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में आगे है. भरपूर बिजली है. भरपूर सिंचाई हो रही है. नर्मदा को गंभीर नदी से जोड़ा जा रहा है. इसके बाद पार्वती और कालीसिंध नदियों से जोड़ा जायेगा.
चौहान ने कहा कि किसानों की समृद्धि राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है. किसानों को कई राहतें दी गई हैं. उन्हें उनकी उपज का पूरा दाम दिया गया है. उन्होंने कहा कि किसानों को प्रति हेक्टेयर के हिसाब से सहायता देने पर भी विचार किया जाना चाहिये. प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है, लेकिन इसे और बढ़ाने की आवश्यकता है. गरीबों को पक्का मकान बनाने के लिये पट्टे दिये जा रहे हैं. कोई गरीब बिना मकान और जमीन के नहीं रहेगा. बिजली बिल माफ किये जा रहे हैं. बच्चों की पढ़ाई का खर्चा सरकार उठायेगी. इस साल के आखिर तक सभी घरों में बिजली होगी. उन्होंने कहा कि शिक्षा कर्मी बनाने की संस्कृति को समाप्त कर अध्यापक का सम्मानजनक पद बनाया गया है. बैतूल जिले से ’एक परिसर-एक स्कूल’ का प्रयोग शुरू किया जा रहा है, जिसमें एक ही स्कूल परिसर में पढ़ाई के सभी आधुनिक संसाधन उपलब्ध होंगे. आगामी 17 अगस्त को ’मिल-बाँचे मध्यप्रदेश’’ का शुभारंभ हो रहा है. उन्होंने सभी सक्षम नागरिकों से अपील की कि वे अपनी पसंद के स्कूल में जायें और बच्चों को पढायें, शिक्षाप्रद कहानियाँ सुनायें और किताबें दान में दें.
 चौहान ने कहा कि योजनाबद्ध तरीके से छोटे तालाबों के निर्माण के लिये ग्राम सरोवर अभिकरण बनाया जायेगा. यह  अभिकरण पाँच वर्षों में पाँच हजार तालाब निर्मित करेगा. उद्योगों के जरिए रोजगार में वृद्धि के लिये अब उद्योगों को टैक्स में छूट देने के बजाय निवेश में सीधे सहायता देने के लिये औद्योगिक नीति में बदलाव किया गया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति लगातार बेहतर बनी हुई है. हमारी विकास दर पिछले कई वर्षों में लगातार डबल डिजिट में रही है. यह  महत्वपूर्ण उपलब्धि है. गरीब परिवारों को सभी मूलभूत सुविधाएँ  जुटाने और गरीब परिवारों की आय बढ़ाने का काम किया जायेगा.
गरीबों की चिंता दूर करेगी संबल योजना
मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना ’संबल’ की चर्चा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि यह योजना प्रदेश की लगभग आधी आबादी की रोटी, कपड़ा, मकान, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, रोजगार जैसी मूलभूत चिंताओं को दूर करने का काम करेगी. एक जनवरी 2018 से ग्रामीण क्षेत्र में भू-खण्ड अधिकार अभियान में नौ लाख से अधिक परिवारों को भू-खण्ड अधिकार-पत्र दिए गए हैं. पहले वितरित भू-खण्ड अधिकार पत्रों को शामिल कर 35 लाख से अधिक परिवार को आवासीय भू-खण्ड मिल चुके हैं. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 7 लाख से ज्यादा आवास बन गये हैं. सवा लाख आवासों का निर्माण पूरा हो गया है. ग्रामीण क्षेत्र के 94 प्रतिशत घरों में शौचालय सुविधा के साथ प्रदेश, देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है.
पंजीकृत श्रमिकों और संन्निर्माण कर्मकारों को अधिकतम 200 रूपये प्रति माह की दर से जुलाई माह से बिजली बिल देना प्रारंभ किया गया है. बिजली के क्षेत्र में आत्म-निर्भर होने के बाद अब लक्ष्य यह है कि हर नागरिक का घर बिजली से रोशन हो. सौभाग्य योजना के तहत 31 जिलों में सभी पात्र हितग्राहियों के घरों तक बिजली पहुँचाई जा चुकी है. अक्टूबर माह तक प्रदेश के हर घर में बिजली का प्रकाश लाने का हमारा लक्ष्य है.
किसानों के खातों में जमा कराये 35 हजार करोड़
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती की आय को पाँच वर्षों में दोगुना करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये सिंचाई का रकबा बढाया जा रहा है. अभी 40 लाख हेक्टेयर है. इसे बढाकर 80 लाख हेक्टेयर कर दिया जायेगा. इस वर्ष फसल बीमा, मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि, भावांतर भुगतान, प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति और अन्य विभिन्न योजनाओं से किसानों के खातों में सीधे 35 हजार करोड़ रूपये की राशि पहुँचायी गयी है.
कृषि के सहयोगी क्षेत्रों को भी भरपूर बढ़ावा दिया जा रहा है. नियमों में संशोधन करते हुए राहत राशि को 30 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है. इस वर्ष केला फसल क्षति राहत 27 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रति हेक्टेयर और अधिकतम 3 लाख रुपये प्रति कृषक की गई है, जिससे बुरहानपुर के केला उत्पादक किसानों को आपदा की घड़ी में सरकार का संबल मिला.
चौहान ने कहा कि भूमि-स्वामी और बटाईदार के हितों का संरक्षण करने के लिए कानून बनाने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है. अब भूमि-स्वामी निश्चिंत होकर अपनी भूमि पाँच वर्ष तक बटाई पर दे सकेगा.

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