रविवार, 5 अगस्त 2018

रोजगार मेले बने गुमराह बनाने के केंद्र


प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ ने बताया है कि कल पूरे प्रदेश में शिवराज सरकार ने चुनाव के चार माह पूर्व रोजगार मेलों का आयोजन कर 2 लाख 84 हजार युवाओं को एक ही दिन में रोजगार देने का जो दावा किया था, वह झूठा साबित हुआ. जिस सरकार ने पिछले तेरह वर्षों में आंकड़ों के अनुसार करीब 18 हजार लोगों को ही रोजगार प्रदान किया है वो एक दिन में कैसे 2 लाख 84 हजार युवाओं को रोजगार प्रदान करेगी? इनके ये सब दावे झूठे हैं व गुमराह करने वाले हैं. 
 नाथ ने कहा कि जिस सरकार ने पिछले साढ़े चैदह वर्षों में युवाओं को रोजगार देने के मामले में ठगा है, जिस सरकार ने प्रति वर्ष 2 लाख बेरोजगारों को रोजगार देने का दावा किया था, वह सरकार आखिरी चार माह में रोजगार के झूठे दावे पर युवाओं को भ्रमित और गुमराह कर रही है. एक दिन में युवाओं को 2 लाख 84 हजार रोजगार देने का झूठा दावा कर बड़ी संख्या में युवाओं को मेले में बुला लिया गया, लेकिन युवा इन मेलों में आकर रोजगार को लेकर भटकते रहे. 
कमलनाथ ने कहा कि इन रोजगार मेलों के नाम पर युवाओं को कहीं इंटरव्यू लेकर, कहीं झूठे आश्वासन देकर, कहीं आश्वासन के पत्र देकर ठगा गया. अब साढ़े सात लाख लोगों का आगामी सालों में रोजगार देने का झूठा दावा कर रही है, शिवराज सरकार. जिस तरह इन्वेस्टर्स समिट में करोड़ों रुपए खर्च कर, बड़े बड़े आंकड़े जारी कर निवेश के बड़े-बड़े दावे किये गये थे जो बाद में सब झूठे साबित हुए. उसी तरह चुनावी वर्ष में रोजगार मेले के भी सभी दावे झूठे साबित होंगे. शिवराज सरकार विस्तृत सूची जारी कर बतायें कि इन रोजगार मेलों में किस-किस जिले में, किस-किस विभाग व किस-किस कंपनी में किन-किन लोगों को इन रोजगार मेलों से रोजगार मिला? इन मेलों में बड़ी संख्या में दलाल घूमते पाये गये, जिन्हें लोगों ने मौके पर पकड़ा और इससे साबित होता है कि रोजगार मेलों के नाम पर भी भ्रष्टाचार का खेल खेला गया. 

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