शनिवार, 21 जुलाई 2018

भाजपा की नीतियों के कारण आदिवासियों की आर्थिक गतिविधियां ठप्प


मानस भवन में आयोजित राज्य स्तरीय आदिवासी सम्मेलन में कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में जब भी कांगे्रस की सरकार बनी, उसके पीछे आदिवासी वर्ग के लोगों का योगदान रहा है. सामान्य सीट में भी इस वर्ग ने कांगे्रस का साथ दिया है.  
कमलनाथ ने कहा है कि अब हमारे सामने पुनः कांगे्रस की सरकार बनाने की चुनौती है. समय बदल गया है. आदिवासियों की नयी पीढ़ी एक समझदार पीढ़ी है. इनकी आशाऐं और सपने को कांगे्रस पार्टी पहचानती है. नये मध्यप्रदेश के निर्माण में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी. उन्होंने कहा कि तस्वीर हमारे सामने है. भारतीय जनता पार्टी से सबसे बड़ा खतरा आदिवासी समाज को है. 
कमलनाथ ने कहा कि आदिवासी गरीब वर्ग तो सबसे ज्यादा परेशान है. भारतीय जनता पार्टी की नीतियों के कारण आर्थिक गतिविधियां ठप्प पड़ी हुई हंै. कांगे्रस के समय जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव जी ने आदिवासियों के लिए ईमानदारी से सोचा. यह दोनों पार्टियों के बीच सोच का अंतर है. नयी पीढ़ी को यह बात समझना पड़ेगी. उन्होंने कहा कि राहुल जी की घोषणा के अनुरूप सरकार बनने पर दस दिन के अंदर आदिवासी किसानों का कर्जा भी माफ करने की कार्रवाई की जायेगी. श्री नाथ ने कहा कि भोपाल में सम्मेलन करने के बजाय आगामी नौ अगस्त को हर जिले और ब्लाक स्तर पर आदिवासियों का सम्मेलन होना चाहिए. प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने कहा कि भाजपा सरकार सिर्फ वादे करती है और धरातल पर कुछ नहीं करती. भाजपा ने आदिवासियों को केवल आश्वासन ही दिये हैं. कोई ठोस काम इस वर्ग के लिए कभी नहीं किया. इस बात के गवाह आप सब लोग हैं. इसलिये आप सभी कांगे्रस के पक्ष में वातावरण बनायें, क्योंकि यही एक मात्र पार्टी है जो आदिवासियों के उत्थान के लिए हमेशा से काम करती आयी है. 
नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह ने कहा कि तंेदूपत्ता नीति की पुरानी प्रथा वापस हो और आदिवासियों को तेदूंपत्ते का बोनस नकद दिया जाये. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वही प्रांत है, जहां छत्तीसगढ़ बनने के पहले निरंतर कांगे्रस की सरकार रही क्योंकि आदिवासी समाज ने हमेशा रीढ़ की हड्डी की तरह कांगे्रस का साथ दिया है. उन्होंने कहा कि व्यापमं को समाप्त कर देना चाहिए और जिला या संभाग स्तरीय चयन बोर्ड बनना चाहिए. भर्ती में मध्यप्रदेश के लोगों को ही प्राथमिकता दी जाना चाहिए. बीएड का कोर्स दो वर्ष की बजाय पहले की तरह एक वर्ष का होना चाहिए. आदिवासी अतिथि शिक्षकों को अध्यापक संवर्ग में शामिल करने के लिए बोनस अंक भी मिलना चाहिए. उन्हें पंचायतों के माध्यम से पेंशन दिये जाने की व्यवस्था फिर से लागू हो. 
अजयसिंह ने कहा कि ये सब बातें तभी संभव है, जब आप कांगे्रस की सरकार बनवायेंगे. अबकी बार यदि गलती हुई तो फिर आगे पछताने के सिवाय हमारे पास कुछ नहीं बचेगा. 
विधायक बाला बच्चन ने कहा कि जन आशीर्वाद यात्रा में मुख्यमंत्री अब फिर आदिवासियों से झूठ बोलेंगे. वे फिर से उनके बीच जाकर थोथे वायदे करेंगे. अब उनकी बातों में हमें नहीं आना है. राहुल गांधी की बात को आगे पहुंचायें. उन्होंने कहा कि आदिवासियों से संबंधित सभी मुद्दे घोषणा पत्र में शामिल किये जायेंगे.
पूर्व विधायक उमंग सिंगार ने कहा कि हम आदिवासी हैं और आदिवासी की ही बात करेंगे. वन भूमि का अधिकार कांगे्रस लायी, लेकिन पट्टे भाजपा बांट रही है. भूमि अधिग्रहण बिल कांगे्रस ने बनाया, लेकिन भाजपा सरकार में आदिवासियों की जमीन की खरीद-फरोख्त बेरोकटोक जारी है. चुनाव के समय भाजपा आदिवासियों को लालच देती है, लेकिन अब हमें सचेत रहना है. उन्होंने कहा कि एनएसपी पर मोदी बोल रहे हैं कि हमने दाम बढ़ा दिये हैं, मैं पूछता हूं कि क्या उन्होंने किसान का पूरा माल खरीदने की गारंटी दी है. 
विधायक ओमकार मरकाम ने कहा कि भाजपा आदिवासियों को गुमराह करती है. वह हमारा अपमान करती है. हमें ही इसका जवाब देना पड़ेगा. हम भाजपा को खदेडें़गे. वे हमारे नौजवानों, गरीबों और बुजुर्गों को बहकाते हैं. उन्हें समझाने की जिम्मेदारी हमारी है. पाठ्य पुस्तकों में लिखा है कि गाय मारकर खाने वाले गौंड़ कहलाते हैं. आदिवासी विकास शब्द हटाकर जन-जाति विकास शब्द कर दिया. आदिवासी छात्रावास का नाम बदलकर महाविद्यालयीन छात्रावास कर दिया. हमारी श्रेणी गलत इतिहास की ओर न लिख दी जाये, इसके लिए सतर्क रहना होगा. इस बार भी शांत रह गये तो अस्तित्व की लड़ाई में हम पीछे रह जायेंगे. 
इस अवसर पर पूर्व सांसद सुश्री मीनाक्षी नटराजन, गजेन्द्रसिंह राजूखेड़ी, अजय शाह, वर्तमान एवं पूर्व विधायक, आदिवासी जनप्रतिनिधि, पूरे प्रदेश से आये आदिवासी वर्ग के लोग अन्य कांगे्रसजन शामिल थे. 

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