मुख्यमंत्री शिवरजासिंह चौहान ने की घोषणा
मुख्यमंत्री शिवराजसिंंह चौहान ने आज घोषणा की कि कटियां फेंककर अवैध तरीके से बिजली के उपयोग के दर्ज सभी मामले सरकार वापस लेगी. उन्होंने कहा कि बिजली का बिल अब गरीबों के लिए आफत की पुड़िया नहीं रहेगा.
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा आज राजधानी में संबल योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान की. उन्होंने कहा कि बिजली का बिल गरीबों के लिए कभी आफत की पुड़िया हुआ करता था, लेकिन अब किसी भी गरीब के लिए बिजली की उपलब्धता आफत नहीं रहेगी. गरीबों के पुराने बिजली बिलों को माफ हम करवा रहे हैं उसके बाद 200 रुपए प्रतिमाह की दर से पर्याप्त बिजली गरीबों को देने का फैसला हमने किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कटिया फेंक कर अवैध तरीके से बिजली के उपयोग के दर्ज किए गए सभी मामले वापस लिए जाएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उनके लिए नहीं होती जिनके पास धन और दौलत के अकूत भंडार भरे पड़े हैं. सरकार वास्तव में उनके लिए होती है जो समाज के अंतिम छोर पर खड़े हैं, जो शोषित हैं, जो वंचित रह गए हैं. हर गरीब को उसका हक मिलना चाहिए चाहिए. दीनों-दुखियों की आँखों के आंसू पोंछना और उनकी सेवा करना भगवान की पूजा करने के समान है.
गरीब के बच्चों को पढ़ने का हक
मध्यप्रदेश की धरती पर कोई भी गरीब बिना अपनी जमीन के नहीं रहेगा. आप सभी को अपना पक्का मकान बनाने के लिए हम धनराशि देंगे. हर साल 10-10 लाख के हिसाब से चार साल में 40 लाख मकान बनाएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों के बच्चों को पढ़ने का हक है. धन का आभाव इन बच्चों की प्रतिभा के आड़े नहीं आने दूंगा. मैंने (संबल) योजना के तहत बच्चों की प्राथमिक शिक्षा से ले कर उच्च शिक्षा तक की फीस हमारी सरकार द्वारा भरने की व्यवस्था करा दी है.
मुख्यमंत्री शिवराजसिंंह चौहान ने आज घोषणा की कि कटियां फेंककर अवैध तरीके से बिजली के उपयोग के दर्ज सभी मामले सरकार वापस लेगी. उन्होंने कहा कि बिजली का बिल अब गरीबों के लिए आफत की पुड़िया नहीं रहेगा.
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा आज राजधानी में संबल योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान की. उन्होंने कहा कि बिजली का बिल गरीबों के लिए कभी आफत की पुड़िया हुआ करता था, लेकिन अब किसी भी गरीब के लिए बिजली की उपलब्धता आफत नहीं रहेगी. गरीबों के पुराने बिजली बिलों को माफ हम करवा रहे हैं उसके बाद 200 रुपए प्रतिमाह की दर से पर्याप्त बिजली गरीबों को देने का फैसला हमने किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कटिया फेंक कर अवैध तरीके से बिजली के उपयोग के दर्ज किए गए सभी मामले वापस लिए जाएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उनके लिए नहीं होती जिनके पास धन और दौलत के अकूत भंडार भरे पड़े हैं. सरकार वास्तव में उनके लिए होती है जो समाज के अंतिम छोर पर खड़े हैं, जो शोषित हैं, जो वंचित रह गए हैं. हर गरीब को उसका हक मिलना चाहिए चाहिए. दीनों-दुखियों की आँखों के आंसू पोंछना और उनकी सेवा करना भगवान की पूजा करने के समान है.
गरीब के बच्चों को पढ़ने का हक
मध्यप्रदेश की धरती पर कोई भी गरीब बिना अपनी जमीन के नहीं रहेगा. आप सभी को अपना पक्का मकान बनाने के लिए हम धनराशि देंगे. हर साल 10-10 लाख के हिसाब से चार साल में 40 लाख मकान बनाएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों के बच्चों को पढ़ने का हक है. धन का आभाव इन बच्चों की प्रतिभा के आड़े नहीं आने दूंगा. मैंने (संबल) योजना के तहत बच्चों की प्राथमिक शिक्षा से ले कर उच्च शिक्षा तक की फीस हमारी सरकार द्वारा भरने की व्यवस्था करा दी है.

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