अध्यक्ष जनजातीय आयोग नरेंद्र मरावी ने शहडोल संभाग के सभी शासकीय अधिकारियों से अपील करते हुये कहा है कि वे आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास और आदिवासियों के जीवन में समृद्धि और खुशहाली लाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें. उन्होने कहा कि सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी सेवाभाव से कार्य करें तथा आदिवासी बहुल शहडोल संभाग के विकास और यहां के लोगों की खुशहाली के लिये शासकीय कार्य के तौर पर अच्छे कार्य कर अपनी अमिट छाप छोड़ें.
अध्यक्ष जनजातीय आयोग ने कहा कि आगामी दिवसों मे शहडोल संभाग के विकास खण्डों मे जनजातीय आयोग आदिवासियों से संबंधित प्रकरणों की सुनवाई करेगा. इस सुनवाई में शासकीय अधिकारी कर्मचारी अपेक्षित सहयोग करें. अध्यक्ष जनजातीय आयोग नरेंद्र मरावी आज कमिश्नर कार्यालय शहडोल में आयोजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों के लिये संचालित योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचना चाहिए तथा आदिवासियों के जीवन में परिवर्तन आना चाहिए. अध्यक्ष जनजातीय आयोग मरावी द्वारा आदिवासियों के संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की भी समीक्षा की गई. समीक्षा के दौरान अध्यक्ष जनजातीय आयोग नरेंद्र मरावी द्वारा शहडोल संभाग में बैगा समुदाय की महिलाओं के खाते में कुपोषण से मुक्ति हेतु 1 हजार रुपए की राशि दिये जाने के कार्यों में गतिरोध उत्पन्न होने पर नाराजगी व्यक्त की गई तथा निर्देश दिये गये कि शहडोल संभाग की सभी बैगा परिवारों की महिलाओं के खाते में शासन के निदेर्शों के अनुरूप हर माह 1 हजार रुपए की राशि समय पर चली जाये. उन्होने कहा कि उक्त योजना दिसम्बर 2017 से संचालित है, इसमें गतिरोध उत्पन्न हो रहा है. अध्यक्ष जनजातीय आयोग ने इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ करने के निर्देश दिये तथा कहा कि संभाग के सभी जिलों में इस कार्य को प्राथमिकता दें. उन्होने कहा कि इस योजना के अंतर्गत कोई भी बैगा परिवार चूकना नहीं चाहिए. इस योजना का लाभ सभी परिवारों को मिलना चाहिए. समीक्षा के दौरान अध्यक्ष जनजातीय आयोग ने शहडोल संभाग के सभी अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिये संचालित छात्रावासों एवं आश्रमों के छात्र-छात्राआें को समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ शुद्ध पेयजल भी उपलब्ध होना चाहिए. अध्यक्ष जनजातीय आयोग का कहना था कि शहडोल संभाग के छात्रावासों एवं आश्रमों में पेयजल व्यवस्था को और बेहतर से बेहतर बनाया जाये और छात्र-छात्राओं को शुद्ध पेयजल मुहैया कराया जाये. चर्चा के दौरान कमिश्नर शहडोल संभाग जे.के.जैन ने अधीक्षण यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को निर्देश दिये कि वे शहडोल संभाग के सभी आश्रमों एवं छात्रावासों में छात्र-छात्राओं को गुणवत्तायुक्त पेयजल मुहैया कराया जा रहा है अथवा नहीं इसका सर्वे करें तथा 15 दिवसों के अंदर में प्रतिवेदन कमिश्नर कार्यालय को उपलब्ध करायें. कमिश्नर ने निर्देशित करते हुये कहा कि शहडोल संभाग के सभी छात्रावासों एवं आश्रमों में छात्र-छात्राओं को शुद्ध पेयजल मुहैया होना चाहिए. इसके लिये लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी सही उपाय भी बतायें.

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