कांग्रेस की शिकायत पर आयोग ने कहा डीओपीटी फैसला लेने में स्वतंत्र
प्रदेश के मुख्य सचिव बी.पी. सिंह की सेवावृद्धि पर आपत्ति नहीं है. आयोग ने इस मामले में हरी झंडी दे दी है. कांग्रेसकी ओर से इस मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी, मगर इस शिकायत पर अब आयोग का रुख नरम नरज आ रहा है.
राज्य के मुख्य सचिव बी.पी. सिंह जून माह में सेवानिवृत्त होना था, इसे लेकर बीते दिनों केन्द्र द्वारा उनकी सेवावृद्धि किए जाने की आदेश दिए थे. सिंह की सेवावृद्धि छह माह के लिए की गई. इस सेवावृद्धि पर बीते दिनों कांग्रेस ने शिकायत दर्ज कराई थी. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने तर्क दिया था कि राज्य के सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर एक ऐसे व्यक्ति को विधानसभा चुनाव के ठीक पहले रखना, जो राज्य सरकार की अनुशंसा पर नियुक्त हुआ है, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव में बाधा उत्पन्न करेगा. कमलनाथ के इस पत्र पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया था. आयोग ने अब इस मामले में साफ कर दिया है कि उसे मुख्य सचिव की सेवावृद्धि पर आपत्ति नहीं है. मुख्य चुनाव आयुक्त ओ.पी. रावत ने कहा कि वे इस मामले में डीओपीटी को पत्र लिख देंगे. वैसे डीओपीटी इस मामले में स्वतंत्र है, वह जैसा चाहे कर सकता है. आयोग मुख्य सचिव की सेवावृद्धि पर आपत्ति नहीं है.
दरअसल मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह का कार्यकाल 30 जून को समाप्त होने वाला था, लेकिन राज्य सरकार ने उनके सेवाकाल में छह माह की वृद्धि का प्रस्ताव केंद्र को भेजा जिसे स्वीकार करते हुए केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने 6 मार्च सेवा वृद्धि के आदेश जारी कर दिए. अब वे इसी साल 31 दिसंबर को रिटायर्ड होंगे. सामान्यत: वे इसी महीने 30 जून को रिटायर्ड होने वाले थे.
नेता प्रतिपक्ष ने आयोग का लिखा पत्र
आगामी विधानसभा चुनाव के लिए गुजरात से मध्यप्रदेश भेजे गए ईवीएम मशीनों के एक्सपर्ट को लेकर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सवाल उठाए है. इसके लिए उन्होंने चुनाव आयोग को पत्र लिखा है. मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लिखे पत्र में कहा है कि उन्हें जानकारी मिली है कि गुजरात से 16 ईवीएम मशीनों के विशेषज्ञों को मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में भेजा गया है क्या देश में ईवीएम के एक्सपर्ट गुजरात में ही उपलब्ध हैं, अन्य राज्यों में नहीं. सिंह ने पत्र में कहा कि मध्यप्रदेश में वर्ष 2018 के अंत में विधानसभा के चुनाव होने हैं. ईवीएम मशीनों के परिणामों के ऊपर पूरे देश में संदेह और सवाल खड़े हुए हैं. ऐसी स्थिति में प्रदेश में विधानसभा चुनाव के पूर्व सिर्फ गुजरात से ही 16 ईवीएम मशीनों के विशेषज्ञों को भेजना शक के दायरे में आता है. ईवीएम मशीनों के एक्सपर्ट शायद गुजरात में ही नहीं है वे देश के अन्य राज्यों में भी हैं, तो क्या कारण है कि सिर्फ गुजरात के ही लोगों को यहां भेजा गया है.
प्रदेश के मुख्य सचिव बी.पी. सिंह की सेवावृद्धि पर आपत्ति नहीं है. आयोग ने इस मामले में हरी झंडी दे दी है. कांग्रेसकी ओर से इस मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी, मगर इस शिकायत पर अब आयोग का रुख नरम नरज आ रहा है.
राज्य के मुख्य सचिव बी.पी. सिंह जून माह में सेवानिवृत्त होना था, इसे लेकर बीते दिनों केन्द्र द्वारा उनकी सेवावृद्धि किए जाने की आदेश दिए थे. सिंह की सेवावृद्धि छह माह के लिए की गई. इस सेवावृद्धि पर बीते दिनों कांग्रेस ने शिकायत दर्ज कराई थी. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने तर्क दिया था कि राज्य के सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर एक ऐसे व्यक्ति को विधानसभा चुनाव के ठीक पहले रखना, जो राज्य सरकार की अनुशंसा पर नियुक्त हुआ है, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव में बाधा उत्पन्न करेगा. कमलनाथ के इस पत्र पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया था. आयोग ने अब इस मामले में साफ कर दिया है कि उसे मुख्य सचिव की सेवावृद्धि पर आपत्ति नहीं है. मुख्य चुनाव आयुक्त ओ.पी. रावत ने कहा कि वे इस मामले में डीओपीटी को पत्र लिख देंगे. वैसे डीओपीटी इस मामले में स्वतंत्र है, वह जैसा चाहे कर सकता है. आयोग मुख्य सचिव की सेवावृद्धि पर आपत्ति नहीं है.
दरअसल मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह का कार्यकाल 30 जून को समाप्त होने वाला था, लेकिन राज्य सरकार ने उनके सेवाकाल में छह माह की वृद्धि का प्रस्ताव केंद्र को भेजा जिसे स्वीकार करते हुए केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने 6 मार्च सेवा वृद्धि के आदेश जारी कर दिए. अब वे इसी साल 31 दिसंबर को रिटायर्ड होंगे. सामान्यत: वे इसी महीने 30 जून को रिटायर्ड होने वाले थे.
नेता प्रतिपक्ष ने आयोग का लिखा पत्र
आगामी विधानसभा चुनाव के लिए गुजरात से मध्यप्रदेश भेजे गए ईवीएम मशीनों के एक्सपर्ट को लेकर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सवाल उठाए है. इसके लिए उन्होंने चुनाव आयोग को पत्र लिखा है. मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लिखे पत्र में कहा है कि उन्हें जानकारी मिली है कि गुजरात से 16 ईवीएम मशीनों के विशेषज्ञों को मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में भेजा गया है क्या देश में ईवीएम के एक्सपर्ट गुजरात में ही उपलब्ध हैं, अन्य राज्यों में नहीं. सिंह ने पत्र में कहा कि मध्यप्रदेश में वर्ष 2018 के अंत में विधानसभा के चुनाव होने हैं. ईवीएम मशीनों के परिणामों के ऊपर पूरे देश में संदेह और सवाल खड़े हुए हैं. ऐसी स्थिति में प्रदेश में विधानसभा चुनाव के पूर्व सिर्फ गुजरात से ही 16 ईवीएम मशीनों के विशेषज्ञों को भेजना शक के दायरे में आता है. ईवीएम मशीनों के एक्सपर्ट शायद गुजरात में ही नहीं है वे देश के अन्य राज्यों में भी हैं, तो क्या कारण है कि सिर्फ गुजरात के ही लोगों को यहां भेजा गया है.
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