सोमवार, 2 जुलाई 2018

आईएएसके आलेख से मचा बवाल

 कांग्रेस ने किया भाजपा पर हमला, मंत्री ने कहा अधिकारी की यह सोच उचित नहीं

 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान पर सवाल खड़े करने वाली आईएएस अधिकारी दीपाली रस्तोगी के एक आलेख से प्रदेश की राजनीति में बवाल मच गया है. कांगे्रस ने इसे लेकर सरकार पर हमला बोला तो आईएएस भी उनसे खफा नजर आए. वहीं राज्य के सामान्य प्रशासन मंत्री लाल सिंह आर्य ने अधिकारी की इस सोच को उचित नहीं माना.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान पर सवाल उठा चुकी राज्य की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीपाली रस्तोगी के एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित आर्टिकल पर राज्य में राजनीति गर्मा गई है. रस्तोगी ने अपने लेख में कहा है कि अच्छा अधिकारी उसी को माना जात है, जो नेता की इच्छा के हिसाब से काम करता है. उनके इस लेख के बाद ऐसा कुछ बवाल मचा कि सामान्य प्रशासन मंत्री लाल सिंह आर्य को मीडिया में आकर यह कहना पड़ा कि यह अधिकारी की खुद की सोच है. उन्होंने अधिकारी दीपाली रस्तोगी की सोच को गलत बताया. उन्होंने कहा कि मैं नहीं मानता कि अधिकारी नेताओं के इशारों पर काम करते हैं. सरकार द्वारा जनहित के किसी भी काम को कभी रोका नहीं गया. अगर आईएएस होते हुए वो इस तरह की सोच रखती है तो ये सोच उनकी उचित नहीं है.
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने  कहा कि अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों के लिए अपनी आचरण संहिता है. यदि वे इसे लांघकर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के मत और नीति की अवहेलना या सार्वजनिक आलोचना कर स्वयं के मत को श्रेष्ठ समझें, तो यह न केवल अहंकार बल्कि लोकतंत्र और संविधान की भावना का खिलवाड़ होगा. संविधान में विधायिका और कार्यपालिका के अधिकार परिभाषित हैं और किसी को अपनी सीमा नहीं लांघनी चाहिए.
वहीं कांग्रेस पार्टी के प्रदेश मीडिया विभाग अध्यक्ष मानक अग्रवाल ने कहा कि रस्तोगी ने जो बातें उठाई, वे सही हैं, भाजपा सरकार अधिकारियों पर दबाव बना रही है और कई अधिकारी सरकार की चापलूसी कर रहे हैं. अधिकारी सही को सही और गलत को गलत नहीं कह पा रहे हैं. अग्रवाल ने कहा कि दीपाली रस्तोगी के पति मनीष रस्तोगी ने ई-टेंडरिंग घोटाले का खुलासा किया था. इसके चलते उन्हें वहां से हटाया गया था. ईमानदार अधिकारियों के साथ सरकार द्वारा जब इस तरह का बर्ताव किया जाएगा तो दीपाली जैसी अधिकारी का नाराज होना लाजमी है.
उल्लेखनीय है कि दीपाली रस्तोगी ने लेख में लिखा है कि अच्छा आईएएस अधिकारी वही माना जात है जो नेता की इच्छा के अनुरुप काम करें, इनता ही नहीं बगैर राजनीति आका के बोलने से पहले हीउसकी इच्छा जान ले, उसके अमल के लिए तैयार हो जाता है. उन्होंने लिखा है कि लोग हमारा सम्मान इसलिए करते हैं, क्योंकि हमारे पास नुकसान और फायदा पहुंचाने की ताकत होती है. हम लोगों की कोई दूरदृष्टि नहीं, नेताओं को खुश करने वाले निर्णय लेते हैं. व्यवस्था सुधारने के लिए दरअसल हम काम ही नहीं करते और यह डर रहता है कि व्यवस्था बेहतर कर दी तो कोई पूछेगा ही नहीं. 
आईएएस अधिकारी भी खफा
आईएएस दीपाली रस्तोगी के आलेख को लेकर एक ओर जहां कांग्रेस ने सरकार पर हमला किया, वहीं आईएएस अधिकारी भी इस आलेख से खफा हैं. हालांकि इस मुद्दे पर खुलकर तो कोई सामने नहीं आया, लेकिन दबी जुबान से अधिकारी दीपाली रस्तोगी के प्रति अपनी नाराजगी ही जाहिर कर रहे हैं. आईएएस अधिकारियों का मानना है कि दीपाली के इस लेख से वे आईएएस आहत हुए हैं जिन्होंने प्रदशे और देश के लिए कई उपलब्धिां हासिल की है. जो लगातार मेहनत कर अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं, जनसेवा के कार्याें में लगे रहते हैं. ऐसे अधिकारियों पर यह कटाक्ष ही है. आईएएस अधिकारी इसे दीपाली रस्तोगी की नाकरात्मक सोच मानते हैं.

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