बुधवार, 1 अगस्त 2018

मध्यप्रदेश में 24 लाख फर्जी मतदाताओं के नाम हटाए सूची से

 कांग्रेस ने सरकार पर बोला हमला, कहा बताए इसके पीछे दोषी कौन
मध्यप्रदेश में एक बार फिर कांग्रेस ने फर्जी मतदाताओं का मामला उठाते हुए शिवराज सरकार पर हमले तेज किए है. राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जब बीते 7 माह में 24 लाख फर्जी मतदाताओं के नाम काटे जाने की बात सामने आई तो फर्जी मतदाता होने की शिकायत करने वाली कांग्रेस ने कहा कि अब सरकार को यह बताना चाहिए कि फर्जी नाम किनके कहने पर जुड़े थे और इसके लिए दोषी कौन है.
राज्य में विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस द्वारा एक-दूसरे पर हमले तेज हो गए हैं. इसके चलते मंगलवार को जब यह बात सामने आई कि राज्य निर्वाचन आयोग ने 7  माह में राज्य में  24 लाख फर्जी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए हैं. इस मामले की जानकारी लगते ही कांग्रेस ने सरकार पर हमला किया. राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा दी जानकारी केबाद प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ और वरिष्ठ अधिवक्ता व सांसद विवेक तन्खा खुलकर सामने आ गए हैं. सभी ने पार्टी के आरोप व शिकायतों को सही बताया है. साथ ही प्रदेश में अभी और भी फर्जी मतदाताओं के नाम सूची में शामिल होने की आशंका जाहिर की है. मुंगावली उपचुनाव के समय भारत निर्वाचन आयोग से शिकायत करते हुए कांग्रेस ने प्रदेश की मतदाता सूची में 60 लाख फर्जी नाम बताए थे. हालांकि चुनाव आयोग इस आरोप को नकारता रहा है और दिल्ली से जांच दल की रिपोर्ट आने के पहले ही प्रदेश के मुख्य निर्वाचन कार्यालय ने इस शिकायत को खारिज कर दिया था. मगर अब नए ड्राफ्ट में 24 लाख नाम कटने से कांग्रेस को एक बार फिर ताकत मिली है. जोश में आ गई है.
इस मामले को लेकर चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट के जरिए कहा कि  अभी भी लिस्ट में फर्जी वोटरों के नाम जुड़े हुए है. उन्होंने चुनाव आयोग से आग्रह है कि मतदाता सूचियों का अतिसूक्ष्म परीक्षण करवाकर नई लिस्ट जारी करे. वहीं  नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने भी ट्वीट कर मुख्यमंत्री शिवराज से सवाल पूछा है. उन्होंने लिखा है कि कांग्रेस की फर्जी वोटर की शिकायत पर भाजपा के मंत्री से लेकर संत्री तक बरसे थे क्या अब इस खबर पर कुछ बोलेंगे.
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस की शिकायत पर निर्वाचन आयोग ने इस मामले की जांच भी कराई थी, मगर यह जांच केवल कांग्रेस द्वारा की शिकायत के आधार पर रायसेन, होशंगाबाद और भोपाल जिले की मतदाता सूचियों की कराई गई थी. इस जांच के बाद जब आयोग ने शिकायत को एक तरह से गलत करार दिया था तो भाजपा ने कांग्रेस पर जमकर हमले बोले थे. मगर मंगलवार को कांग्रेस की शिकायत सच नजर आई और कांग्रेस सरकार पर हमलावर हो गई.

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