सरकार की वादा खिलाफी तथा झूठे आश्वासनों के विरोध में पुनरीक्षित क्षय नियंत्रण कार्यक्रम में कार्यरत संविदा कर्मचारी कल स्वाधीनता दिवस के अवसर पर सीएमएचओ कार्यालयों के सामने प्रदर्शन कर लालीपाप और झुनझुना बांटेंगे.
संविदा क्षय कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष अमिताभ चौबे ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि सरकार उनके साथ लगातार भेदभाव कर रही है. उन्होंने कहा कि दो दशक से टी.बी. जैसी संक्रामक बीमारी के विरूद्ध कार्य कर रहे प्रदेश के लगभग एक हजार कर्मचारियों के साथ राज्य सरकार सौतेला व्यवहार एवं शोषणकारी रवैया अपना रही है. पिछले दिनों की गई 42 दिन की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बाद मुख्यमंत्री के आश्वासन पर हड़ताल स्थगित की गई थी. सरकार ने संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान 90 प्रतिशत वेतन देने का वादा किया था. इस संबंध में भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा 3 माह बीत जाने के बाद भी कोई आदेश जारी नहीं किया गया जबकि प्रदेश सरकार के अन्य विभागों द्वारा इस आशय के आदेश जारी कर प्रभावी कर दिये गये हैं. सरकार का आश्वासन लालीपाप और झुनझुना साबित हुआ है. संगठन के पदाधिकारी आज पत्रकारों से चर्चा के दौरान मुखोटे लगाकर बैठे थे. उन्होंने ऐसा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए किया था.
संविदा क्षय कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष अमिताभ चौबे ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि सरकार उनके साथ लगातार भेदभाव कर रही है. उन्होंने कहा कि दो दशक से टी.बी. जैसी संक्रामक बीमारी के विरूद्ध कार्य कर रहे प्रदेश के लगभग एक हजार कर्मचारियों के साथ राज्य सरकार सौतेला व्यवहार एवं शोषणकारी रवैया अपना रही है. पिछले दिनों की गई 42 दिन की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बाद मुख्यमंत्री के आश्वासन पर हड़ताल स्थगित की गई थी. सरकार ने संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान 90 प्रतिशत वेतन देने का वादा किया था. इस संबंध में भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा 3 माह बीत जाने के बाद भी कोई आदेश जारी नहीं किया गया जबकि प्रदेश सरकार के अन्य विभागों द्वारा इस आशय के आदेश जारी कर प्रभावी कर दिये गये हैं. सरकार का आश्वासन लालीपाप और झुनझुना साबित हुआ है. संगठन के पदाधिकारी आज पत्रकारों से चर्चा के दौरान मुखोटे लगाकर बैठे थे. उन्होंने ऐसा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए किया था.

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