बुधवार, 1 अगस्त 2018

सरकार के खिलाफ एकजुट हुए गैस पीड़ित संगठन


राजधानी में 34 साल पूर्व गैस त्रासदी का शिकार हुए पीड़ितों के हक की लड़ाई के लिए सभी संगठन एकजुट हुए हैं. सभी संगठनों ने एकजुटता दिखाते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है. 
यह जानकारी भोपाल ग्रुप फॉर इंफॉर्मेशन के सतीनाथ षड़ंगी ने आज बुधवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए दी.  षड़ंगी ने  आरोप लगाया  कि प्रदेश सरकार जल्द ही गैस राहत विभाग को बंद करने की फिराक में है. षड़ंगी का कहना है कि सरकार ने बजाए भोपाल गैस पीड़ितों की मदद करने, उनका जायज हकर छीनने का मन बना लिया है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने गैस राहत मंत्री विश्वास सारंग पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि भोपाल गैस पीड़ितों के बजट को लेकर मंत्री अमानवीय बात करते हुए दोहरा रवैया अपना रहे हैं.  षड़ंगी का कहना है कि आज भोपाल गैस पीड़ितों को केन्द्र सरकार से जो भी सुविधाएं प्राप्त हुई हैं, उसे दिलाने में गैस पीड़ित संगठनों की मुख्य भूमिका रही है. यदि सरकार ने गैस पीड़ितों को मिलने वाली सुविधाओं को बंद कराया, तो सभी गैस पीड़ित संगठन एकजुट होकर सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे.
गैस पीड़ित संघर्ष सहयोग समिति की संयोजक साधना कार्णिक प्रधान ने गैस राहत विभाग बंद किए जाने की कवायद को डाउ केमिकल और सरकार की मिलीभगत करार दिया है.  उन्होंने कहा कि विभिन्न आयोगों ने गैस पीड़ितों के हित में पिछले तीन दशक में कई सिफारिशें की है जिन पर सरकार ने आज तक अमल नहीं किया लेकिन यूका के हित की इस सिफारिश पर अमल करके गैस पीड़ितों को मौत के मुंह झोकने की तैयारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि गरीब गैस पीड़ितों के हितों में कुठाराघात करने वाले इस फैसले का सड़कों पर विरोध किया जाएगा.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें