मध्यप्रदेश पुलिस पर निर्दोष आदिवासियों को फर्जी नक्सली बनाकर उन्हें गिरफ्तार करने के आरोप पूर्व सांसद एवं पूर्व विधायक कंकर मुंजारे ने आज राजधानी भोपाल में लगाए है. मुंजारे ने कहा कि वे इस मामले को लेकर राज्य के पुलिस महानिदेशक ऋषिकुमार शुक्ला से मुलाकात करेंगे और उन्हें जानकारी देंगे.
पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि बालाघाट पुलिस अधीक्षक ए जयदेवन ने प्रमोशन पाने के लिए इस तरह का षड़यंत्र रचा था. उन्होंने कहा कि बीते 6 से 9 जुलाई के बीच पुलिस चौकी पाथरी में बैगा जनजाति एवं गोंड आदिवासी के 13 लोगों को पुलिस ने जबरन गिरफ्तार कर लिया. मुंजारे का आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों को नक्सली बताकर गिरफ्तार किया, लेकिन जो लोग पुलिस की गिरफ्त में थे वह असल में गरीब किसान हैं और कई तो पूर्व में पुलिस के लिए मुखबिरी का काम करते थे. पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि यह सब काम बालाघाट पुलिस अधीक्षक ए जयदेवन और उनकी टीम की मिलीभगत से हुआ है. पुलिस चौकी पाथरी में बंद करके 13 निर्दोष लोगों पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक अत्याचार किया था. बाद में युवकों को जंगल में ले जाकर उन्हें नक्सलियों के कपड़े पहनाकर उनकी फोटो खींचकर गिरफ्तार कर नक्सली करार दिया गया. मुंजारे ने मांग की है कि इस मामले की सीबीआई से जांच कराई जाए. साथ ही 13 निर्दोष लोगों को रिहा किया जाए. उनका कहना है कि इस मामले की संबंध में वह पुलिस महानिदेशक ऋषिकुमार शुक्ला से मुलाकात कर चर्चा करेंगे.

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