राज्य सरकारों के पास पैसों नहीं नीयत की है कमी
आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय पीएसी सदस्य एवं वरिष्ठ नेता आतिशी मार्लेना ने भोपाल की उत्तर विधानसभा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश में किसी राज्य सरकार के पास पैसों की कमी नहीं है. अगर नीयत हो तो हर राज्य सरकार अपने नागरिकों को विश्व स्तरीय सुविधाएं दे सकती है, लेकिन अभी आम इंसानों की खुशहाली के लिए खर्च होने वाला पैसा नेताओं की जेब में जाता है. इसलिए ईमानदार राजनीति के जरिए ही बदलाव की नींव रखी जा सकती है.
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में व्यवस्था परिवर्तन की मुहिम शुरू की थी, तो लोग मखौल उड़ाते थे, क्योंकि चुनाव का अर्थ धनबल और बाहुबल मान लिया गया है, लेकिन दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की ईमानदारी और कार्यकर्ताओं के जोश की बदौलत आम आदमी पार्टी ने ऐतिहासिक जीत की. ऐसी ही जीत मध्य प्रदेश में दर्ज करना है तो कार्यकतार्ओं को पूरे जोश और उत्साह से दिल्ली सरकार के कामों को लोगों तक पहुंचाना होगा.
सभा के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के शिक्षा सुधारों पर बात करेंगी. साथ ही मध्यप्रदेश की बदहाल शिक्षा व्यवस्था को सुधारने और प्रदेश के बच्चों को विश्वस्तरीय शिक्षा देने के लिए उठाए जाने वाले कारगर कदमों पर अपने विचार रखेंगी.
भाजपा ने लिया 25 लाख का चंदा
आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल ने गैमन इंडिया प्रोजेक्ट को लेकर आरोप लगाया कि गेमन इंडिया से भाजपा ने 25 लाख रुपए चंदा लिया है और इसके बाद प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए दो साल की राहत दी है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 में गेमन इण्डिया की सब्सिडियरी कंपनी दीपमाला इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को न्यू मार्केट में 15 एकड़ जमीन विकसित करने के लिए निम्न शर्त पर दी गयी थी. शर्त ये थी कि वर्ष 2013 तक इस प्रोजेक्ट को पूर्ण कर लिया जाएगा. इसके बाद अगर कार्य में विलंब हो तो उस पर पैनाल्टी लगाए जाने का भी करार था. मगर 2013 में प्रोजेक्ट पूर्ण होने के कुछ समय पूर्व ही गेमन इंडिया द्वारा भाजपा को पूर्णता गैर कानूनी रूप से 25 लाख रुपए का चंदा दिया गया और इससे बाद ही सरकार द्वारा 2 साल के लिए गैमन इंडिया को राहत दी गई. तत्कालीन नियम अनुसार कोई कंपनी अपने 3 वर्ष के फायदे के औसत का 7.5 प्रतिशत ही चंदे में दे सकती थी.
आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय पीएसी सदस्य एवं वरिष्ठ नेता आतिशी मार्लेना ने भोपाल की उत्तर विधानसभा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश में किसी राज्य सरकार के पास पैसों की कमी नहीं है. अगर नीयत हो तो हर राज्य सरकार अपने नागरिकों को विश्व स्तरीय सुविधाएं दे सकती है, लेकिन अभी आम इंसानों की खुशहाली के लिए खर्च होने वाला पैसा नेताओं की जेब में जाता है. इसलिए ईमानदार राजनीति के जरिए ही बदलाव की नींव रखी जा सकती है.
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में व्यवस्था परिवर्तन की मुहिम शुरू की थी, तो लोग मखौल उड़ाते थे, क्योंकि चुनाव का अर्थ धनबल और बाहुबल मान लिया गया है, लेकिन दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की ईमानदारी और कार्यकर्ताओं के जोश की बदौलत आम आदमी पार्टी ने ऐतिहासिक जीत की. ऐसी ही जीत मध्य प्रदेश में दर्ज करना है तो कार्यकतार्ओं को पूरे जोश और उत्साह से दिल्ली सरकार के कामों को लोगों तक पहुंचाना होगा.
सभा के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के शिक्षा सुधारों पर बात करेंगी. साथ ही मध्यप्रदेश की बदहाल शिक्षा व्यवस्था को सुधारने और प्रदेश के बच्चों को विश्वस्तरीय शिक्षा देने के लिए उठाए जाने वाले कारगर कदमों पर अपने विचार रखेंगी.
भाजपा ने लिया 25 लाख का चंदा
आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल ने गैमन इंडिया प्रोजेक्ट को लेकर आरोप लगाया कि गेमन इंडिया से भाजपा ने 25 लाख रुपए चंदा लिया है और इसके बाद प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए दो साल की राहत दी है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 में गेमन इण्डिया की सब्सिडियरी कंपनी दीपमाला इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को न्यू मार्केट में 15 एकड़ जमीन विकसित करने के लिए निम्न शर्त पर दी गयी थी. शर्त ये थी कि वर्ष 2013 तक इस प्रोजेक्ट को पूर्ण कर लिया जाएगा. इसके बाद अगर कार्य में विलंब हो तो उस पर पैनाल्टी लगाए जाने का भी करार था. मगर 2013 में प्रोजेक्ट पूर्ण होने के कुछ समय पूर्व ही गेमन इंडिया द्वारा भाजपा को पूर्णता गैर कानूनी रूप से 25 लाख रुपए का चंदा दिया गया और इससे बाद ही सरकार द्वारा 2 साल के लिए गैमन इंडिया को राहत दी गई. तत्कालीन नियम अनुसार कोई कंपनी अपने 3 वर्ष के फायदे के औसत का 7.5 प्रतिशत ही चंदे में दे सकती थी.

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