मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह से उनका सरकारी आशियाना छीन लिया है. सरकार द्वारा दूसरा बंगला या मकान आवंटित न किए जाने के बाद सिंह ने अपना सामान अपने गृह नगर राघौगढ़ भेज दिया. अब सिंह राजधानी आने पर सर्क्रिट हाउस में रुकेंगे. दस साल तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे दिग्विजयसिंह ने हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए अपना राजधानी के श्यामला हिल्स स्थित अपना बंगला खाली कर दिया. तीन ट्रकों में भरकर उन्होंने अपना सामान अपने गृह नगर राघौगढ़ भेज दिया. सिंह को भी हाईकोर्ट का द्वारा पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगले खाली करने के निर्देश पर सरकार ने बंगला खाली करने का आदेश दिया था. इसके बाद सिंह ने अपनी ओर से सरकार को बंगला आवंटन के लिए आवेदन नहीं दिया, मगर बाद में उन्होंने अपने स्टाफ के कर्मचारियों के लिए एक मकान आवंटित करने के लिए जरुर आवेदन दिया था, जिस पर सरकार ने अब करीब एक पखवाड़े के बीत जाने के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया और न ही मकान आवंटि किया. इसके बाद सिंह ने भोपाल से अपना सामान हटा लिया और बंगला खाली कर दिया.
यहां उल्लेखनीय है कि सिंह के साथ ही मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियोें कैलाश जोशी, बाबूलाल गौर, उमा भारती को भी बंगले खाली करने के आदेश दिए थे, मगर इन्होंने जब बंगला देने के आवेदन दिया तो सरकार ने तीनों को किराए पर बंगले दे दिए. जबकि दिग्विजयसिंह के आवेदन पर अब तक विचार तक नहीं किया गया. कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे को लेकर सरकार पर भेदभाव का आरोप भी लगाया गया था. मगर सरकार की ओर से अब तक किसी तरह को कोई कदम इस मामले में नहीं उठाया गया.
अब रुकेंगे सर्किट हाउस में
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह बंगला खाली करने के बाद अब भोपाल प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में रुकेंगे. सिंह के दिल्ली कार्यालय से जारी किए सिंह के कार्यक्रम के अनुसार सिंह 16 अगस्त को भोपाल आएंगे. वे इस दौरान भोपाल में वे वीआईपी सर्किट हाउस में रुकेंगे. इसके बाद वे 17 अगस्त को वापस लौट जाएंगे.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें