रविवार, 12 अगस्त 2018

हलाला का इस्लाम से संबंध नहीं

मौलाना मुफ्ति उमरेन 
 भ्रम से निपटने सोशल मीडिया का लेंगे सहारा
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में चल रही मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड की बैठक में हलाला को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को निपटने के लिए अब मुस्लिम समाज सोशल मीडिया का सहारा लेकर जवाब देगा.
राजधानी में मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड की दो दिवसीय बैठक आज संपन्न हुई. बैठक में देशभर के 70 मुस्लिम नेता शामिल हुए. दो दिनों तक चली इस बैठक में नेताओं ने तीन तलाक और हलाला को लेकर मंथन किया और इसे लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों को दूर करने पर विचार-विमर्श किया. बैठक के दूसरे दिन मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के सेकेट्री मौलाना मुफ्ति उमरेन ने कहा कि देश में हलाला को लेकर भ्रांतियां फैलाई जा रही है. उन्होंने कहा कि हलाला का इस्लाम से कोई संबंध नहीं है.उन्होंने कहा कि इस तरह भ्रामक भ्रांतियों फैलाने का जवाब अब बोर्ड और मुस्लिम समाज सोशल मीडिया के जरिए जवाब देगा.उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा की तीन तलाक के संशोधन के बाद पेश करने को नाकाफी बताया. उन्होंने कहा कि बोर्ड इस पर अपना फैसला पहले ही सुना चुका है. सरकार के इस बील को बोर्ड नहीं मानता है. उन्होंने कहा कि तीन तलाक के मामले पर सरकार मुस्लिम समाज पर अपनी मर्जी थोप रही है. उन्होंने कहा कि ये भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में संभव नहीं है, इस बिल में कई खामियां हैं, इसे सेलेक्ट कमेटी को सौंपा जाए. वहीं उन्होंने सुप्रीम कोर्ट  के निर्देश के बाद कानून बनाने पर सवाल खड़ा किया. उमरेन ने कहा कि दो दिवसीय बैठक में यह फैसला लिया गया कि  देश भर में बोर्ड की जिला स्तर पर कमेटिया गठित करेगा. ये कमेटियां, मस्जिदों एवं घर-घर जाकर समाज के लोगो को जागरूक करेंगी. ला बोर्ड ने प्रदेश और जिला स्तर पर समाज सुधार पर काम करने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में समाज सुधार कमेटी का गठन हुआ है और वह काम भी कर रही है.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें