शनिवार, 4 अगस्त 2018

सत्ता का खुला दुरूपयोग कर रहे है सीतासरन शर्मा


प्रदेश कांगे्रस मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने विधानसभा अध्यक्ष सीतासरन शर्मा पर इटारसी के कांगे्रस नेता रमेश बामने और उनके परिवार को राजनैतिक विरोध के चलते अकारण प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि यह संवैधानिक पद और सत्ता का खुला राजनैतिक दुरूपयोग है. इससे अनुसूचित जाति के प्रति भाजपा के दृष्टिकोण का भी पता चलता है.
शोभा ओझा ने कहा कि बामने परिवार ने कहा है कि उन्होंने किसी भी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण नहीं किया है. उन्हें राजनीतिक दृष्टि से झूठे केस में फसाया गया है. जबकि स्वयं सीतासरन शर्मा के परिवार ने होशंगाबाद की बेशकीमती सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर वहां दुकाने तान दीं. कलेक्टर की जांच में भी यह बात साबित हो गयी है. अब पता चला है कि कांगे्रस नेता रमेश बामने पर गुपचुप तरीके से जिलाबदर की कार्यवाही की जा रही है.
ओझा ने कहा कि सीतासरन शर्मा विद्वेष के कारण कांगे्रस के लोगों को अकारण परेशान करने का काम कर रहे हैं. संवैधानिक पद पर रहते हुए उनसे ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती. शर्मा स्वयं विधानसभा में षड्यंत्रपूर्वक की जा रही नियुक्तियों को लेकर विवाद में घिर चुके हैं और अपने प्रभाव का उपयोग करके कांगे्रसजनों को झूठे केसों में फंसा रहे हैं. प्रदेश कांगे्रस उनके इस कृत्य का विरोध करती है और बामने परिवार सहित इटारसी के कांगे्रस कार्यकर्ताओं के साथ कंघे से कंधा मिलाकर खड़ी है. पार्टी विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ जनआंदोलन में उनके साथ है.
शोभा ओझा ने कहा कि सीतासरन शर्मा को हाईकोर्ट द्वारा पिछले लगभग ढाई वर्षों से लगातार नोटिस तामील किया जाता रहा, लेकिन तामील कर्ताओं को वे कहीं नहीं मिले. इसी कारण हाईकोर्ट द्वारा फरियादी और पूर्व मंडी अध्यक्ष रमेश बामने के माध्यम से ही ‘‘हमदस्त नोटिस’’ भेजा गया. उन्होंने नोटिस तामील करने गये श्री बामने से नोटिस तो लिया नहीं, उल्टे उन्हें पुलिस से पकड़वाकर जेल भिजवा दिया.
ओझा ने कहा कि जब विधानसभा अध्यक्ष जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति ही कानून और न्यायपालिका को धता बता रहे हैं, तो उनसे विधानसभा के अंदर निष्पक्षता की उम्मीद कैसे की जा सकती है? वे विधानसभा में बैठकर कानून पास करवाते हैं और स्वयं न्याय पालिका का नोटिस न लेकर कानून का मखौल उड़ा रहे हैं.     

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