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| शोभा ओझा |
ओझा ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाते हुए दावा किया कि कांग्रेस के पास इस संबंध में पुख्ता प्रमाण हैं कि सामाजिक न्याय विभाग आरोपी अश्विनी शर्मा पर विशेष कृपा कर उसे 75 दिव्यांग बच्चों को तकनीकी शिक्षा देने के लिए अनुदान दे रहा था. जबकि पहले भी संस्था संचालक के विरुद्ध गम्भीर शिकायतें छात्र-छात्राएं करती रही हैं. ऐसे में अब यौनाचार का मामला सामने आने पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से इसकी जांच करायी जानी चाहिए. इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) पर प्रश्नचि लगाते हुए श्रीमती ओझा ने कहा मामले में संस्था में अध्यनरत अन्य 70 बच्चों के बयान लिए जाना शेष हैं. ये जांच का विषय है कि संस्था संचालक के करीबी अधिकारी और सत्तासीन राजनेता कौन-कौन हैं, लेकिन राज्य सरकार के अधीन गठित एसआईटी मामले की निष्पक्ष जांच न करते हुए मामले को रफा दफा करने में लगा हुआ है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार और उत्तर प्रदेश की तरह ही इस घटना के तार सरकार में बैठे कई सफेदपोश लोगों से जुड़े हैं. यदि मामले की जांच सीबीआई को नहीं सौंपी गयी, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर जंगी प्रदर्शन करेगी. धार जिले की कोतवाली थाना पुलिस ने एक पीड़िता की शिकायत पर दुष्कर्म, जबकि इंदौर जिले की हीरानगर थाना पुलिस ने दो बहनों की शिकायत पर छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट के तहत, तो एक पीड़ित युवती की शिकायत पर कुकर्म, दुष्कर्म और अन्य धाराओं में भोपाल के दिव्यांग छात्रावास के संचालक अश्विनी शर्मा के विरुद्ध कुल तीन प्राथमिकी दर्ज की हैं. इन मामलों की जांच एसआईटी कर रही है.

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