भाजपा नेता और उसके पुत्र ने एक ठेकेदार को घर बुलाकर बंदूक के नोक पर स्टाम्प पर दस्तखत कराए और मकान की रजिस्ट्री छीन ली. ठेकेदार से अनुबंध निरस्त होने पर पिता-पुत्र ने 5 लाख रुपए के एवज में 13 लाख 50 हजार रुपए पहले ही ले लिए थे, इसके बाद उस पर 5 लाख 50 हजार रुपए और देने का तकाजा लगाया जा रहा था.
छोला मंदिर पुलिस के अनुसार प्रताप नगर नई मंडी निवासी योगेंद्र राठौर ने शिकायत दर्ज कराई. उसमें बताया कि वह ठेकेदार हैं और मकान बनाने का ठेका लेते हैं. 27 अगस्त 2015 को सुभाष नगर में रहने वाले भाजपा नेता उमाशंकर त्रिपाठी व उनका पुत्र रविकांत त्रिपाठी उसके घर पर आए, उनसे एक प्लाट को बेचने के बारे में चर्चा हुई. सौदे के लिए पांच लाख रुपए का अनुबंध पत्र तैयार किया गया था, जिसके तहत उन्होंने 19 दिसंबर 2016 को रविकांत के खाते में पांच लाख रुपए जमा कर दिए थे. यागेंद्र के मुताबिक अनुबंध निरस्त होने पर उन्होंने 5 लाख रुपए वापस कर दिए, लेकिन 5 लाख का ब्याज मांगा गया. जिसके तहत उन्होंने उमाशंकर त्रिपाठी को 31 जनवरी 2018 तक करीब 13 लाख 50 हजार रुपए दे दिए हैं. इसके बावजूद उन्होंने एक दिन योगेंद्र को अपने घर बुलाया. उसके वहां पहुंचते ही पिता पुत्र ने उस पर बंदूक तान दी और दो खाली स्टाम्प और कोरे चेक पर हस्ताक्षर करा लिए. उसके मकान की रजिस्ट्री भी छीन ली. साथ ही धमकी भरे लहजे में कहा कि तुम्हारे ऊपर हमारे 5 लाख 50 हजार रुपए और निकल रहे हैं,यदि रुपए नहीं चुकाए तो जान से मार देंगे. योगेंद्र की शिकायत पर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ विभिन्ना धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है.
छोला मंदिर पुलिस के अनुसार प्रताप नगर नई मंडी निवासी योगेंद्र राठौर ने शिकायत दर्ज कराई. उसमें बताया कि वह ठेकेदार हैं और मकान बनाने का ठेका लेते हैं. 27 अगस्त 2015 को सुभाष नगर में रहने वाले भाजपा नेता उमाशंकर त्रिपाठी व उनका पुत्र रविकांत त्रिपाठी उसके घर पर आए, उनसे एक प्लाट को बेचने के बारे में चर्चा हुई. सौदे के लिए पांच लाख रुपए का अनुबंध पत्र तैयार किया गया था, जिसके तहत उन्होंने 19 दिसंबर 2016 को रविकांत के खाते में पांच लाख रुपए जमा कर दिए थे. यागेंद्र के मुताबिक अनुबंध निरस्त होने पर उन्होंने 5 लाख रुपए वापस कर दिए, लेकिन 5 लाख का ब्याज मांगा गया. जिसके तहत उन्होंने उमाशंकर त्रिपाठी को 31 जनवरी 2018 तक करीब 13 लाख 50 हजार रुपए दे दिए हैं. इसके बावजूद उन्होंने एक दिन योगेंद्र को अपने घर बुलाया. उसके वहां पहुंचते ही पिता पुत्र ने उस पर बंदूक तान दी और दो खाली स्टाम्प और कोरे चेक पर हस्ताक्षर करा लिए. उसके मकान की रजिस्ट्री भी छीन ली. साथ ही धमकी भरे लहजे में कहा कि तुम्हारे ऊपर हमारे 5 लाख 50 हजार रुपए और निकल रहे हैं,यदि रुपए नहीं चुकाए तो जान से मार देंगे. योगेंद्र की शिकायत पर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ विभिन्ना धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है.
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