मध्यप्रदेश सरकार ने पहले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह से पहले तो बंगला छीना और फिर अब उन्हें वीआईपी श्रेणी से बाहर कर दिया. साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती को भी वीआपी श्रेणी से बाहर किया गया है. इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को वीआईपी श्रेणी में सुरक्षा मुहैया कराई गई है.
राज्य सरकार की राज्य सुरक्षा समिति ने वीआईपी सूची में बदलाव किया है. इस बदलाव में प्रदेश केपूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह को वीआईपी सूची से बाहर कर दिया है. उनके स्थान पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को वीआईपी सूची में शामिल किया गया है. इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती को भी वीआईपी कैटेगरी से बाहर कर दिया है. उनका नाम पहले वीआईपी 3 सूची में शामिल था, लेकिन अब उन्हें इस कैटेगरी से बाहर कर दिया गया है. उमा भारती की जगह अभी किसी को भी वीआईपी-3 कैटेगरी में शामिल नहीं किया गया है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को वीआईपी-1 कैटेगरी में और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर को वीआईपी- 2 कैटेगरी में यथावत रखा गया है.उल्लेखनीय है कि अदालत के आदेश के बाद दिग्विजयसिंह के अलावा राज्य के तीन पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी, बाबूलाल गौर और उमा भारती को सरकार ने किराए पर बंगले उपलब्ध कराए हैं, मगर दिग्विजयसिंह को बंगला नहीं दिया है. जबकि दिग्विजयसिंह ने कार्यालय के लिए मकान आवंटन का आवेदन दिया है, मगर सरकार ने अब तक उन्हें मकान भी उपलब्ध नहीं कराया है.

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