मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में 2018 के विधानसभा चुनाव में जीत की रणनीति इंदौर से तय की जाएगी. कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का मुख्यालय और वार रुम इंदौर में बनेगा. वजह इस शहर से अच्छी एयर कनेक्टिविटी का होना बताया जा रहा है. लेकिन एक मुख्य वजह बड़ी आईटी कम्पनियों का आॅफिस और अच्छे आईटी एक्सपर्टों का होना है.
पहले भोपाल में वार रुम बनाए जाने की तैयारी चल रही थी, इसके लिए बंगला भी ढूंढ लिया था, किंतु मंगलवार को दिल्ली में हुई बैठक और संघ की पहली पसंद इंदौर होने की वजह से भोपाल को ड्राफ कर दिया गया है. इंदौर में वार रुम बनाने के लिए बायपास पर ओमेक्स सिटी के पास जगह देखी गई है. इसके पीछे जो यह तर्क दिया जा रहा है कि इंदौर से इन प्रदेशों के लिए अच्छी एयर कनेक्टिविटी है, लेकिन पर्दे के पीछे की कहानी कुछ और है.
सूत्रों के बातों पर भरोसा करे तो इस सब के पीछे शाह एंड टीम को अपने वार रुम के लिए जो संसाधन चाहिए वह इंदौर में सहजता से उपलब्ध है. पहला इस शहर में कई आईटी इंडस्ट्री का आॅफिस है जो वार रुम के लिए बड़ा सपोर्ट का काम करेंगे. यही नहीं आईटी में दक्ष युवाओं की फौज भी है. सबसे बड़ी सुविधा कैलाश विजयवर्गीय एवं उनकी समर्पित टीम है जो किसी भी टॉस्क को बेहिचक पूरा करने में माहिर मानी जाती है.
भाजपा के रण्नीतिकारों का कहना यह भी है कि यदि भोपाल में वार रुम बनाया जाता है तो विपक्ष इस मुद्दे को चुनाव में भुनाने की कोशिश करेगा. यह आरोप लगाए जाएंगे कि सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है. लेकिन यह बात भी दबे जबान कही जा रही है भोपाल में टीम शाह उतनी स्वतंत्रता से काम नहीं कर पाएगी जितनी इंदौर में करेगी. कहीं न कहीं शिवराज की खुफिया निगाहे वार रुम में रहेगी. हालांकि इस बात की पुष्टि भाजपा द्वारा अभी नहीं हुई है.

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