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| आलोक अग्रवाल |
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक अग्रवाल ने अध्यापकों की संविलियन प्रक्रिया पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे चुनावी वादा करार दिया. साथ ही उन्होंने कहा कि अध्यापकों को उनके मूल नियुक्ति वर्ष से शिक्षक संवर्ग का लाभ दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह सरकार अपने फायदे के लिए अध्यापकों के साथ धोखा कर रही है. उन्होंने कहा कि करीब ढ़ाई लाख शिक्षकों के संविलियन के लिए जो नियम बनाए गए हैं, वह त्रुटिपूर्ण हैं. अगर संविलियन वर्ष से अध्यापकों को शिक्षक श्रेणी में लेकर उन्हें लाभ दिए जाएंगे, तो इसका अर्थ है कि जिनकी नियुक्ति 1998 में हुई, उनके 20 वर्ष के सेवाकाल को शून्य कर दिया जाएगा. यह बताता है कि शिवराज सिंह सरकार महज चुनावी वर्ष में अध्यापकों को ठगने का काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि संविलियन की प्रक्रिया के नियमों को बदलकर अध्यापकों को नियुक्त वर्ष से वरिष्ठता आदि के लाभ दिए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रदेश की शिक्षा की स्थिति किसी से छुपी नहीं है. अगर हम शिक्षकों को उनका गौरव और सम्मान नहीं देंगे तो एक स्वस्थ्य, शिक्षित और समृद्ध मध्य प्रदेश की परिकल्पना को पूरा नहीं किया जा सकता है. ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि शिक्षा के क्षेत्र में अपना अहम योगदान दे रहे अध्यापकों को तुरंत सभी लाभ दिए जाएं.

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