शुक्रवार, 3 अगस्त 2018

संवेदनशील प्रशासन पहली प्राथमिकता


लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आज प्रशासन अकादमी में 'विकास के लिये संवाद : शोध अध्ययन और नीति निर्धारण के मध्य सेतु' विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. नीति आयोग, भारत शासन के सदस्य डॉ. विनोद पॉल के मुख्य आतिथ्य में हुई संगोष्ठी की अध्यक्षता मुख्य सचिव  बसंत प्रताप सिंह ने की.
प्रशासन अकादमी की महानिदेशक  कंचन जैन, प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल, स्वास्थ्य आयुक्त  पल्लवी जैन, मण्डी बोर्ड आयुक्त  फैज अहमद किदवई, स्वास्थ्य संचालक  धनराजू और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संचालक  एस. विश्वनाथन भी मौजूद थे.
डॉ. विनोद पॉल ने मध्यप्रदेश में हुए विकासात्मक कार्यों की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश उत्तरोत्तर विकास का मार्ग प्रशस्त कर रहा है.  पॉल ने कहा कि विभिन्न अध्ययन और सर्वेक्षण से प्राप्त तथ्यों का उपयोग नीति निर्धारण और क्रियान्वयन के लिये भी अधिक सशक्त ढंग से किया जाना चाहिये.
मुख्य सचिव  बसंत प्रताप सिंह ने बताया कि विकास कार्यों के लिये राज्य शासन की पहली प्राथमिकता संवेदनशील प्रशासन है. नागरिकों की माँग और आवश्यकताओं को व्यवहारिक रूप से पूर्ण करने का प्रयास ही नीतियों का उद्देश्य रहा है. प्रदेश में सामाजिक और आर्थिक कार्यों को जन-भागीदारी और जन-सहयोग से पूरा किया जा रहा है.
स्वास्थ्य आयुक्त  पल्लवी जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश में विकास के सूचकांकों में निरंतर सुधार हो रहा है. प्रदेश में किये जा रहे नवाचार अपेक्षित परिणाम दे रहे हैं. विभिन्न विकासात्मक अध्ययनों का नीति निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान होता है. 
कार्यक्रम में दो शोध अध्ययन के पेपर भी प्रस्तुत किये गये. डॉ. भानु मूर्ति ने 'मध्यप्रदेश में लोक व्यय, प्रशासन तथा मानव विकास' और डॉ. डी.के. पाल ने 'मध्यप्रदेश के तीन जिलों में मातृ मृत्यु दर का मानवाधिकार केन्द्रित अध्ययन' विषय पर पेपर प्रस्तुत किया.

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