मुख्यमंत्री ने कहा वनाधिकार पट्टा दिया जाएगा आदिवासियों कोमुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि जनजातीय अधिकार सभा को ही गांव में नामांतरण और बंटवारे का अधिकार होगा. आदिवासियों के बच्चों को अंग्रेजी शिक्षा के लिए अलग से शिक्षक की व्यवस्था की जाएगी. उन्होंने कहा कि जिन आदिवासी भाई-बहनों का दिसंबर 2006 के पहले तक वनभूमि पर कब्जा है, उसे वनाधिकार का पट्टा दिया जाएगा, अब तक प्रदेश में 2 लाख 24 हजार वनाधिकार पट्टा वितरित किया जा चुका है.
मुख्यमंत्री ने ये बातें आज प्रदेश के धार में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने कहा कि मेरे जिन आदिवासी भाई-बहनों का दिसंबर 2006 के पहले तक वनभूमि पर कब्जा है, उसे वनाधिकार का पट्टा दिया जाएगा, अब तक प्रदेश में 2 लाख 24 हजार वनाधिकार पट्टा वितरित किया जा चुका है. मुख्यमंत्री ने कहा कि अशिक्षा, कुरीतियों और गरीबी से लड़ते हुए समृद्ध मध्यप्रदेश का निर्माण करने और मध्यप्रदेश को देश-दुनिया का सर्वोत्कृष्ट राज्य बनाने का संकल्प आप सभी मेरे साथ लीजिए.
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आदिवासी बच्चों की अंग्रेजी की शिक्षा के लिए अंग्रेजी भाषा के शिक्षकों की अलग से व्यवस्था की जाएगी, ताकि बच्चे भाषा के मामले में किसी से पीछे न रहें. उन्होंने कहा कि आदिवासी नागरिकों पर छोटे-छोटे मामलों में पुलिस थाने में दर्ज केस समाप्त किए जाएंगे, साथ ही जनजातीय अधिकार सभा का गठन किया जाएगा, जो भूमि सहित मामूली घरेलू विवादों का आपसी सहमति के आधार पर निपटारा करेगी, इसका मुखिया आदिवासी ही होगा. मध्यप्रदेश की आदिवासी बहनें स्वसहायता समूहों के माध्यम से अपनी आजीविका बढ़ाने के लिए रोजगार के उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं. मेरी बहनें आगे बढ़ें सक्षम बनें इसके लिए सरकार हर संभव सहायता करने के लिए तत्पर है. उन्होंने कहा कि लघु वनोपज की उचित कीमत आपको दिलवाने की मेरी पूरी कोशिश है. महुए के फूल, नीम की निंबोली, करंजी के फूल जैसी वनोपज को हमने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने का फैसला किया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि मकान बनाने के लिए रा
मुख्यमंत्री बने रहना मेरा मकसद नहीं
मुख्यमंत्री बने रहना और केवल सरकार चलाना मेरा मकसद नहीं है. मेरी जिंदगी का मकसद है, आपकी जिंदगी में बदलाव लाना, नारी को सशक्त बनाना, बच्चे अच्छी शिक्षा ग्रहण करें, अच्छी सेवा में जाएं. इसके लिए हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे. नशा नाश की जड़ है. गांवों में मादक पदार्थ नियंत्रण का अधिकार जनजातीय अधिकार समिति का होगा. आदिवासियों का शोषण करने नहीं दिया जाएगा, ऋण पर ब्याज पर नियंत्रण भी यह समिति करेगी.
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