शुक्रवार, 10 अगस्त 2018

ऊर्जा डेस्क कर्मचारियों को दिलाएं प्रशिक्षण

अतिरिक्त महानिदेशक महिला अपराध  अन्वेष मंगलम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 12 जिलों के एसपी के साथ ऊर्जा डेस्क की समीक्षा बैठक की. उन्होंने कहा कि महिला अपराधों के संबंध में ऊर्जा डेस्क महिला पीड़िता की शिकायतों पर संवेदनशीलता एवं सहानुभूति के साथ कार्यवाही करें तथा उन्हें एहसास कराएं कि वे सही स्थान पर आई हैं और उन्हें न्याय मिलेगा. किसी भी तरह से केवल खानापूर्ति न की जाए सिर्फ और सिर्फ सटीक कार्यवाही हो. उन्होंने सभी एसपी को निर्देशित किया कि ऊर्जा डेस्क के लिए आवश्यक संसाधन मुहैया करवाकर अधिकारी एवं कर्मचारियों की नियमित रूप से ड्यूटी लगाकर सही कार्यवाही के लिए सतत मॉनिटरिंग करें. 
ऊर्जा हेल्प डेस्क में कार्यरत सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को निर्धारित कार्यक्रम अनुसार प्राथमिकता के आधार पर प्रशिक्षण दिलाया जाए. ऊर्जा हेल्प डेस्क के लिए आवश्यक संसाधनों एवं अन्य जरूरतों के लिए पीएचक्?यू की संबंधित शाखा को यथाशीघ्र मांग प्रेषित की जाए. उन्होंने कहा कि ऊर्जा डेस्क में समर्थ, संवेदनशील एवं कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी, कर्मचारियों को रखा जाए. 
 मंगलम ने कहा कि स्थानीय सामाजिक, धार्मिक एवं अन्य संगठनों सहित ग्राम रक्षा समिति, आशा कार्यकर्ता, दीदी आदि के सहयोग से थानों के आसपास के अंचलों में महिला अपराधों के प्रति जागरुकता एवं ऊर्जा डेस्क के संबंध में जानकारी देने के लिए व्यापक एवं कारगर प्रयास किए जाएं. ऊर्जा डेस्?क में आई महिला पीड़िता की शिकायत सुनने के लिए हर समय अधिकारी,कर्मचारी मौजूद रहें. ऊर्जा डेस्क का माहौल ऐसा हो जिसमें पीड़िता बेझिझक एवं निडर होकर अपनी बात रख सके साथ ही उसे यह एहसास हो कि वह सही जगह आई है और उसे न्याय मिलेगा. ऊर्जा डेस्क स्टाफ वॉट्सअप ग्रुप से जुड़कर निदेर्शों, सूचनाओं एवं अन्य किसी भी जानकारी का त्वरित आदान-प्रदान करें. उन्होंने कहा कि ऊर्जा डेस्क से संबंधित कार्यवाही गंभीर एवं सटीक हो इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है. मंगलम ने 12 जिलों के सभी एसपी से ऊर्जा हेल्प डेस्क के संबंध में विस्तृत जानकारी ली एवं निर्देश दिए. 
उल्लेखनीय है कि पुलिस महानिदेशक  ऋषि कुमार शुक्ला ने विगत माह जहांगीराबाद में ऊर्जा डेस्क का शुभारंभ किया था.विदिशा, रतलाम, इंदौर, भोपाल, बैतूल, सिवनी, बालाघाट, रीवा, जबलपुर, पन्ना, मुरैना एवं ग्वालियर सहित 12 जिलों के 180 थानों में आई पीड़ित महिलाओं की शिकायतें एवं समस्याएं सुनने के लिए पृथक रूप से ऊर्जा हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं. प्रथम वर्ष इन 180 थानों में ऊर्जा डेस्क के कार्य करने के बाद प्राप्त हुए वैज्ञानिक डेटा के आधार पर महिला अपराधों एवं अपराध पीड़िताओं के बचाव के लिए आगे की नीति एवं कार्यवाही की योजना बनाई जाएगी.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें