मंगलवार, 14 अगस्त 2018

बेरोजगार युवाओं को धोखा दे रही सरकार

मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार लगातार बेरोजगार युवाओं को धोखा दे रही है. व्यपामं के माध्यम से आयोजित सहायक ग्रेड एक की परीक्षा में 30 हजार बेरोजगार युवकों से लगभग 2 करोड़ रुपए की राशि परीक्षा शुल्क के नाम पर वसूल की गई और परिणाम के दौरान इन 16 नियमित पदों को विलोपित कर दिया गया. 
यह आरोप मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सैयद जाफर ने लगाया. उन्होंने बताया कि इसी वर्ष अप्रैल  माह में ट्रायफेक विभाग के लिए व्यापमं द्वारा 16 नियमित पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए जिसमें प्रदेश के लगभग 30 हजार युवा बेरोजगारों ने आवेदन जमा किए जिसके साथ 600 रुपए परीक्षा शुल्क लिया गया, जो पूरे प्रदेश में लगभग 2 करोड रुपए होता है इसके बाद व्यापमं ने 28 और 29 अप्रैल को परीक्षा आयोजित की जिसका परिणाम 8 अगस्त को जारी किया गया, लेकिन सरकार की गलत नीतियों एवं किसी नए भ्रष्टाचार को अंजाम देने के लिए इन परिणामों में नीचे लाल स्याही से पदों को विलोपित करने का आदेश जारी कर दिया गया जो सरासर गलत है एवं बेरोजगार युवकों के साथ धोखा है.
उन्होंने कहा कि जहां एक और व्यापमं अपने परीक्षा परिणाम में पद को विलोपित दिखा रहा है वहीं दूसरी और ट्रायफेक के लिए व्यापमं ने जो परीक्षा आयोजित कर जो परीक्षा परिणाम घोषित किया उन्हीं पदों को भरने के लिए ट्रायफेक ने फिर से आवेदन आमंत्रित किया है, जिससे बेरोजगार युवकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई और जिन लोगों ने पूर्व में परीक्षा दी थी वह एक बार फिर परीक्षा देने के लिए मजबूर हो गए हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री से  व्यापमं द्वारा दोबारा परीक्षा आयोजित न कराने की मांग की है. 

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