मध्यप्रदेश कांग्रेस ने भीतरघात रोकने उठाया कदम
मध्यप्रदेश कांग्रेस के नेताओं को ुचुनाव लड़ने से पहले दावेदारी करते वक्त एक शपथ पत्र देकर यह वादा करना पड़ रहा है कि अगर टिकट नहीं मिला तो वह बगावत नहीं करेगा. दावेदारी के वक्त 100 रुपए के शपथ पत्र लेकर यह शपथ लेने के लिए कहा जा रहा है कि वे टिकट न मिलने पर जिसे पार्टी टिकट देगी, उसके पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे. इतना ही नहीं शपथ पत्र में दावेदार को यह शपथ लेना है कि न तो वह निर्दलीय चुनाव लड़ेगा और न ही किसी अन्य दल में शामिल होकर चुनाव मैदान में उतरेगा.
विधानसभा चुनाव को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस में दावेदारों से लिए जाने वाले आवेदनों में अब तक 3 हजार से ज्यादा आवेदन आए हैं. आवेदकों की संख्या को देख कांग्रेस में उत्साह भी है. वहीं कांग्रेस द्वारा दावेदारों से इस बार एक शपथपत्र लिया जा रहा है, जिसका विरोध भी दबी जुबान से हो रहा है, मगर दावेदार शपथपत्र भर भी रहे हैं. कांग्रेस द्वारा लिए जा रहे 100 रुपए के शपथ पत्र पर दावेदार द्वारा यह लिखवाया जा रहा है कि ‘कांग्रेस पार्टी द्वारा मेरे विधानसभा क्षेत्र में जिस किसी को भी पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी बनाया जाएगा. मैं उसके पक्ष में पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से काम करुंगा. मैं वचन देता हूं कि पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध न तो निर्दलीय या अन्य दल से चुनाव लडूंगा और न ही पार्टी विरोधी कार्य करुंगा.’
पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि यह शपथ पत्र कांग्रेस दावेदार की निष्ठा के लिए लिया गया है. पार्टी के प्रति वह निष्ठावान है, तो वह शपथ पत्र दे रहा है. कांग्रेस के मीडिया प्रभारी शोभा ओझा का कहना है कि बीते चुनावों में कांग्रेस को मिली हार के बाद यह बात सामने आई थी कि कांग्रेस को कांग्रेस की हरा रही है. इस बात को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने दावेदारों से शपथ पत्र लिए हैं. दावेदारों में इस बात को लेकर किसी तरह की कोई आपत्ति या विरोध नहीं है. वे खुद पार्टी के इस कदम का स्वागत कर रहे हैं. हमें उम्मीद है कि इस बार कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ हम भीतरघात को रोकने में सफल होंगे.
वहीं भाजपा पदाधिकारियों ने इस मामले को लेकर कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए चुनाव में जीत के लिए आश्वस्त करने की बात कही जा रही है, वहीं दावेदारों से इस तरह के शपथ पत्र लिए जा रहे हैं.यह इस बात का संकेत है कि पार्टी में कितनी गुटबाजी है और पार्टी के वरिष्ठ नेता इस गुटबाजी से कितने भयभीत हैं.
मध्यप्रदेश कांग्रेस के नेताओं को ुचुनाव लड़ने से पहले दावेदारी करते वक्त एक शपथ पत्र देकर यह वादा करना पड़ रहा है कि अगर टिकट नहीं मिला तो वह बगावत नहीं करेगा. दावेदारी के वक्त 100 रुपए के शपथ पत्र लेकर यह शपथ लेने के लिए कहा जा रहा है कि वे टिकट न मिलने पर जिसे पार्टी टिकट देगी, उसके पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे. इतना ही नहीं शपथ पत्र में दावेदार को यह शपथ लेना है कि न तो वह निर्दलीय चुनाव लड़ेगा और न ही किसी अन्य दल में शामिल होकर चुनाव मैदान में उतरेगा.
विधानसभा चुनाव को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस में दावेदारों से लिए जाने वाले आवेदनों में अब तक 3 हजार से ज्यादा आवेदन आए हैं. आवेदकों की संख्या को देख कांग्रेस में उत्साह भी है. वहीं कांग्रेस द्वारा दावेदारों से इस बार एक शपथपत्र लिया जा रहा है, जिसका विरोध भी दबी जुबान से हो रहा है, मगर दावेदार शपथपत्र भर भी रहे हैं. कांग्रेस द्वारा लिए जा रहे 100 रुपए के शपथ पत्र पर दावेदार द्वारा यह लिखवाया जा रहा है कि ‘कांग्रेस पार्टी द्वारा मेरे विधानसभा क्षेत्र में जिस किसी को भी पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी बनाया जाएगा. मैं उसके पक्ष में पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से काम करुंगा. मैं वचन देता हूं कि पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध न तो निर्दलीय या अन्य दल से चुनाव लडूंगा और न ही पार्टी विरोधी कार्य करुंगा.’
पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि यह शपथ पत्र कांग्रेस दावेदार की निष्ठा के लिए लिया गया है. पार्टी के प्रति वह निष्ठावान है, तो वह शपथ पत्र दे रहा है. कांग्रेस के मीडिया प्रभारी शोभा ओझा का कहना है कि बीते चुनावों में कांग्रेस को मिली हार के बाद यह बात सामने आई थी कि कांग्रेस को कांग्रेस की हरा रही है. इस बात को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने दावेदारों से शपथ पत्र लिए हैं. दावेदारों में इस बात को लेकर किसी तरह की कोई आपत्ति या विरोध नहीं है. वे खुद पार्टी के इस कदम का स्वागत कर रहे हैं. हमें उम्मीद है कि इस बार कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ हम भीतरघात को रोकने में सफल होंगे.
वहीं भाजपा पदाधिकारियों ने इस मामले को लेकर कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए चुनाव में जीत के लिए आश्वस्त करने की बात कही जा रही है, वहीं दावेदारों से इस तरह के शपथ पत्र लिए जा रहे हैं.यह इस बात का संकेत है कि पार्टी में कितनी गुटबाजी है और पार्टी के वरिष्ठ नेता इस गुटबाजी से कितने भयभीत हैं.

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