प्रदेशवासियों को कर्ज की वास्तविक स्थिति बताएं?
प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कहा है कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति भयावह दौर से गुजर रही है. प्रदेश बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहा है. ऐसा ही चलता रहा तो ओवर ड्राफ्ट की स्थिति बन सकती है. अभी ओवर ड्राफ्ट के पहले की वेज एंड मीन्स की स्थिति बनने जा रही है.
कमलनाथ ने कहा है कि उन्होंने पूर्व में भी प्रदेश की आर्थिक स्थिति के संबंध में मुख्यमंत्री को श्वेत पत्र जारी करने की मांग को लेकर पत्र लिखा था, लेकिन उसका उन्होंने तक कोई जबाव नहीं दिया. आज प्रदेश का हर नागरिक वित्तीय स्थिति को लेकर भयभीत है. उनके द्वारा कई बार प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठाने के बाद भी शिवराजसिंह ने अपना मौन नहीं तोड़ा. उन्होंने कहा है कि शिवराज सिंह चुनावी वर्ष में चुनाव जीतने के लिए नित नई घोषणाऐं कर रहे हैं व नित नई योजनाएं ला रहे हैं. शिवराजसिंह की पुरानी हजारों घोषणाएं आज तक पूरी होने के इंतजार में हैं, ऐसे में नई घोषणाएं कैसे और कब पूरी होंगी? इसके लिए राशि कहां से आएगी? ये सवाल प्रदेश के हर नागरिक के जेहन में है. नाथ ने कहा कि प्रदेश का वित्त विभाग भी वित्तीय स्थिति को लेकर सरकार को निरंतर चेता रहा है. प्रदेश पर आज करीब पौने दो लाख करोड़ का कर्ज है. इस वित्तीय वर्ष में तीन बार सरकार बाजार से कर्ज ले चुकी है. सरकार हाल ही में ग्यारह हजार करोड़ का अनुपूरक बजट लेकर आई है. वित्तीय स्थिति के हाल यह हैं कि प्रदेश के सवा चार लाख कर्मचारियों में से अधिकांश के खाते में अब तक सातवें वेतनमान के ऐरियर्स की पहली किश्त अभी तक नहीं आई है. यह किश्त 31 मई तक आना थी.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि प्रदेश में बढ़ते कर्ज की स्थिति को देखते हुए सरकार को नये कर्ज लेने पर अविलंब रोक लगाना चाहिए. स्थिति दिन-प्रतिदिन भयावह होती जा रही है. 31 मार्च 2003 तक प्रदेश पर केवल 20 हजार 147 करोड़ 34 लाख का कर्ज था जो अब बढ़कर पौने दो लाख करोड़ के करीब हो गया है. सरकार को नई घोषणाएं न कर पहले पुरानी घोषणाओं को पूरा करना चाहिए. लेकिन शिवराज सरकार चुनाव जीतने के लिए प्रतिदिन लोकलुभावन घोषणाएं कर मतदाताओं को गुमराह व प्रभावित करने में लगी है. करोड़ों रुपए खुद की ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार पर खर्च किये जा रहे हैं. उन्होंने मांग की है कि प्रदेश पर आये इस वित्तीय संकट पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह स्थिति स्पष्ट करें व अपना मौन तोड़े?
भाजपाई कर रहे हैं गुंडागर्दी
प्रदेश कांगे्रस मीडिया प्रभारी मानक अग्रवाल ने कहा है कि प्रदेश में भाजपा पदाधिकारी आये दिन अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मारपीट, अभद्रता कर लगातार उनका अपमान कर रहे हैं. इससे सरकारी नौकरी करने वाले लोगों में भय, असुरक्षा और अनिश्चितता का वातावरण है. विगत दिवस टीकमगढ़ के लिधौरा कस्बे की थाना प्रभारी एसआई अनुमेहा दुबे के साथ युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष मुनेन्द्र बुंदेला ने अभद्रता कर दी. एक बालिका को टक्कर मारने पर मुनेन्द्र को एसआई ने टोका तो उसने प्रतिकार करते हुए अनुमेहा को लात मार दी. इतना ही नहीं एसआई की कालर भी खींची.
प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कहा है कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति भयावह दौर से गुजर रही है. प्रदेश बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहा है. ऐसा ही चलता रहा तो ओवर ड्राफ्ट की स्थिति बन सकती है. अभी ओवर ड्राफ्ट के पहले की वेज एंड मीन्स की स्थिति बनने जा रही है.
कमलनाथ ने कहा है कि उन्होंने पूर्व में भी प्रदेश की आर्थिक स्थिति के संबंध में मुख्यमंत्री को श्वेत पत्र जारी करने की मांग को लेकर पत्र लिखा था, लेकिन उसका उन्होंने तक कोई जबाव नहीं दिया. आज प्रदेश का हर नागरिक वित्तीय स्थिति को लेकर भयभीत है. उनके द्वारा कई बार प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठाने के बाद भी शिवराजसिंह ने अपना मौन नहीं तोड़ा. उन्होंने कहा है कि शिवराज सिंह चुनावी वर्ष में चुनाव जीतने के लिए नित नई घोषणाऐं कर रहे हैं व नित नई योजनाएं ला रहे हैं. शिवराजसिंह की पुरानी हजारों घोषणाएं आज तक पूरी होने के इंतजार में हैं, ऐसे में नई घोषणाएं कैसे और कब पूरी होंगी? इसके लिए राशि कहां से आएगी? ये सवाल प्रदेश के हर नागरिक के जेहन में है. नाथ ने कहा कि प्रदेश का वित्त विभाग भी वित्तीय स्थिति को लेकर सरकार को निरंतर चेता रहा है. प्रदेश पर आज करीब पौने दो लाख करोड़ का कर्ज है. इस वित्तीय वर्ष में तीन बार सरकार बाजार से कर्ज ले चुकी है. सरकार हाल ही में ग्यारह हजार करोड़ का अनुपूरक बजट लेकर आई है. वित्तीय स्थिति के हाल यह हैं कि प्रदेश के सवा चार लाख कर्मचारियों में से अधिकांश के खाते में अब तक सातवें वेतनमान के ऐरियर्स की पहली किश्त अभी तक नहीं आई है. यह किश्त 31 मई तक आना थी.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि प्रदेश में बढ़ते कर्ज की स्थिति को देखते हुए सरकार को नये कर्ज लेने पर अविलंब रोक लगाना चाहिए. स्थिति दिन-प्रतिदिन भयावह होती जा रही है. 31 मार्च 2003 तक प्रदेश पर केवल 20 हजार 147 करोड़ 34 लाख का कर्ज था जो अब बढ़कर पौने दो लाख करोड़ के करीब हो गया है. सरकार को नई घोषणाएं न कर पहले पुरानी घोषणाओं को पूरा करना चाहिए. लेकिन शिवराज सरकार चुनाव जीतने के लिए प्रतिदिन लोकलुभावन घोषणाएं कर मतदाताओं को गुमराह व प्रभावित करने में लगी है. करोड़ों रुपए खुद की ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार पर खर्च किये जा रहे हैं. उन्होंने मांग की है कि प्रदेश पर आये इस वित्तीय संकट पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह स्थिति स्पष्ट करें व अपना मौन तोड़े?
भाजपाई कर रहे हैं गुंडागर्दी
प्रदेश कांगे्रस मीडिया प्रभारी मानक अग्रवाल ने कहा है कि प्रदेश में भाजपा पदाधिकारी आये दिन अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मारपीट, अभद्रता कर लगातार उनका अपमान कर रहे हैं. इससे सरकारी नौकरी करने वाले लोगों में भय, असुरक्षा और अनिश्चितता का वातावरण है. विगत दिवस टीकमगढ़ के लिधौरा कस्बे की थाना प्रभारी एसआई अनुमेहा दुबे के साथ युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष मुनेन्द्र बुंदेला ने अभद्रता कर दी. एक बालिका को टक्कर मारने पर मुनेन्द्र को एसआई ने टोका तो उसने प्रतिकार करते हुए अनुमेहा को लात मार दी. इतना ही नहीं एसआई की कालर भी खींची.
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