बुधवार, 4 जुलाई 2018

जनता को गुमराह करने मुख्यमंत्री लाए सरल बिजली योजना

चुनावी लालीपाप है बकाया बिजली बिल माफी योजना
प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कहा है कि 14 वर्ष की भाजपा सरकार हर चुनाव के पूर्व चुनाव जीतने के लिए झूठी घोषणाएं व जनता को गुमराह करने के लिए चुनावी वर्ष में नई-नई योजनाएं ले आती है. चुनावी वर्ष में लायी गई सरल बिजली व मुख्यमंत्री बकाया बिल माफी योजना सिर्फ चुनावी लालीपाप है. 
कमलनाथ ने कहा कि यदि सरकार को गरीबों व मजदूरों की इतनी ही चिंता थी तो पिछले 14 वर्षों में उन्हें फ्लेट रेट पर बिजली देने की योजना क्यों लागू नहीं की गई? अब जब चुनाव के लिए मात्र 4 माह शेष हैं तो गरीबों और मजदूरों को गुमराह करने के लिए इस तरह की लुभावनी योजना लागू की जा रही है. इस योजना को लेकर पूरी फ्री बिजली की बात कहकर मजदूरों व गरीबों को गुमराह किया जा रहा है. जबकि इसमें 1000 वाट से अधिक संयोजित भार वाले उपभोक्ता पात्र नहीं हैं. सस्ती बिजली के वादे के साथ सत्ता में आई शिवराज सरकार को तो पूरे प्रदेश की जनता को सस्ती बिजली देना चाहिए, क्योंकि अन्य राज्यों की तुलना में मध्यप्रदेश में सबसे महंगी बिजली दी जा रही है. मध्यप्रदेश सरकार एक तरफ अन्य राज्यों को सस्ती बिजली बेच रही है, वहीं खुद के प्रदेश की जनता को महंगी बिजली दे रही है. 
नाथ ने कहा कि इस योजना को लेकर जनकल्याण योजना (संबल) के विभिन्न सम्मेलन प्रदेश भर में आयोजित किए गए, जिसमें असंगठित श्रमिकों का बड़े पैमाने पर पंजीयन किया गया. इस पंजीयन में जमकर फर्जीवाड़ा किया गया. मजदूरों के साथ-साथ बड़े पैमाने पर भाजपा कार्यकताओं को मजदूर बनाकर इनका भी पंजीयन किया गया. ताकि इन्हें मजदूरों की आड़ में योजनाओं का लाभ दिया जा सके. प्रचारित 1 करोड़ 80 लाख मजदूरों का आंकड़ा खुद प्रदेश में शिवराज सरकार के विकास की पोल खोल रहा है.  मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र विदिशा में पंजीयन के जो आंकड़े सामने आये हैं, उसमें औसतन हर तीसरा व्यक्ति श्रमिक और हर घर में दो मजदूरों के आंकड़े सामने आये हैं. 
स्मार्ट कार्ड से हटवाया जाए शिवराज का फोटो 
प्रदेश कांगे्रस ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र देकर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को संबल योजना के अंतर्गत स्मार्ट कार्डों पर उनका स्वयं का फोटो छपवाने से रोके जाने का आग्रह किया है. कांगे्रस ने कहा है कि फोटो युक्त स्मार्टकार्ड का वितरण चुनाव प्रचार की श्रेणी में आता हैं और शासकीय धन से सत्ताधारी भाजपा पार्टी को राजनैतिक लाभ पहुंचाने की दृष्टि से किया गया कार्य है.  प्रदेश कांगे्रस के मीडिया प्रभारी मानक अग्रवाल के नेतृत्व में कांगे्रस पदाधिकारियों ने आज मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को इस आशय का पत्र सौंपा. पत्र में लिखा है कि प्रदेश में चार माह बाद विधानसभा चुनाव संभावित हैं. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह द्वारा मजदूरों को स्वयं के फोटो लगे स्मार्ट कार्ड वितरित किये जा रहे हैं. इनको छपवाने में कम से कम 50 करोड़ रुपए का शासकीय धन बर्बाद होगा. चुनाव के पूर्व यह अनुचित कृत्य है. 

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