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| शरद यादव |
जनता दल यू से अलग होकर लोक तांत्रिक जनता दल बनाने वाले शरद यादव के नेतृत्व में राजधानी भोपाल में 2 अगस्त को होने वाले लोक क्रांति सम्मेलन में देश और प्रदेश के राजनीतिक एजेंडों को बदलने का प्रस्ताव लाया जाएगा. वहीं प्रदेश के 5 दल मिलकर विधानसभा चुनाव के तीसरा मोर्चा गठन की घोषणा की जाएगी. इन दलों के साथ राज्य के क्षेत्रीय दल भी शामिल होने हैं, मगर अभी इनकी घोषणा नहीं की जा रही है.
राजधानी भोपाल में 2 अगस्त को मानस भवन में शरद यादव के नेतृत्व में पांच दल माकपा, भाकपा, बहुजन संघर्ष दल, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और समानता दल मिलकर लोक तांत्रिक सम्मेलन का आयोजन कर रहे हैं. शरद यादव खुद इस सम्मेलन में शामिल होंगे. सम्मेलन में मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए तीसरे मोर्चा का आगाज तो होगा ही, साथ ही एक एजेंडा भी पेश किया जाएगा, जिसमें सभी वर्गों के लिए यह मोर्चा किस तरह से काम करेगा, इसका उल्लेख होगा. एजेंडे में देश और प्रदेश में वर्तमान में चल रहे राजनीतिक हालात में किस तरह के बदलाव लाए जाए, राजनीति में नित नए बन रहे छोटे-छोटे दलों के लिए किस तरह का संविधान हो इस पर भी मंथन किया जाएगा साथ ही इसे एजेंडे में शामिल कर राजनीतिक अनुभव वालों को राजनीति से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा. एजेंडे में आम आदमी, किसान, निम्न वर्ग और मध्यम वर्ग के सामने आ रही समस्याओं और उसके निदान के लिए क्या कदम उठाए जाएं इसे भी शामिल किया जाएगा.
बदलेंगे प्रदेश के राजनीतिक समीकरण
लोक तांत्रिक सम्मेलन में प्रदेश में तीसरे मोर्चा के उदय के साथ ही राजनीतिक समीकरण बदलने की उम्मीद लगाई जा रही है. सम्मेलन में शामिल हो रहे पांचों दलों के प्रभाव वाले क्षेत्रोंं में ये दल भाजपा के लिए खासा संकट पैदा कर सकते हैं. भाजपा के अलावा कांग्रेस के लिए भी ये नुकसानदायक साबित होंगे. माना जा रहा है कि बहुजन संघर्ष दल, माकपा, भाकपा और समानता दल ग्वालियर-चंबल के अलावा विंध्य और महाकौशल में भाजपा के लिए संकट बन सकती हैं. वहीं लोक तांत्रिक जनता दल मालवा और नर्मदाअंचल के जिलों में भाजपा एवं कांग्रेस के लिए संकट पैदा कर सकता है, तो गोंडवाना गणतंत्र पार्टी महाकौशल में अपने प्रभाव वाले जिलों में भाजपा-कांग्रेस दोनों के लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है.
राजनीति को जाति-धर्म से कैसे दूर रखें पर होगा मंथन
लोक तांत्रिक सम्मेलन में वर्तमान में देश और प्रदेश के राजनीतिक दलों में जाति, धर्म की ओर बढ़ रहे आकर्षण को दूर करने पर भी मंथन किया जाएगा. सम्मेलन में तैयार किए जा रहे एजेंडे में इसे शामिल किया गया है. सम्मेलन में शामिल होने वाले राजनीतिक दलों के प्रमुख इस पर मंथन कर यह प्रयास करेंगे कि राजनीतिक दलों के जो संविधान हैं उनमें इस तरह की राजनीति से दूर रहने की बात कही जाए. साथ ही से कठोरता से लागू किया जाए, जिससे राजनीतिक दल अपनी स्वच्छ छवि के साथ देश में काम कर सकें.
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| गोविंद यादव |
लोक तांत्रिक जनता दल की मध्यप्रदेश इकाई के प्रमुख गोविंद यादव का कहना है कि लोक क्रांति सम्मेलन में जो एजेंडा हम लाने वाले हैं, उसमें देश की राजनीति में बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है. आज राजनीतिक दलों के संविधानों में बदलाव की जरुरत है. परिवारवाद के हावी होने के कारण देश में यह हालात पैदा हो गए हैं कि राजनीतिक समझ वाले लोग पीछे जा रहे हैं और नासमझ लोग राजनीति में अच्छा स्थान पा रहे हैं. हर राज्य में आए दिन नित-नए राजनीतिक दल चुनाव के वक्त उभरते हैं और राष्ट्रीय अध्यक्ष का तमगा लगाकर लोग राजनीतिक माहौल को बिगड़ रहे हैं. हमारी यह कोशिश है कि हम एजेंडे के तहत पार्टियों के संविधान में बदलाव के साथ-साथ राजनीतिक समझ वाले लोगों को आगे लाने का प्रयास करेंगे, जिससे प्रदेश के साथ-साथ देश को नई दिशा मिलेगी.


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