मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा को लिखा पत्र
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने चीप जस्टिस आफ इंडिया से फास्ट ट्रेक हायर कोर्ट के गठन की मांग की है. उन्होंने इस मांग का पत्र चीप चस्टिस दीपक मिश्रा को लिखा है.
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने प्रदेश के मंदसौर, ग्वालियर, धार और सतना में मासूम बच्चियों के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में चीप जस्टिस आफ इंडिया को लिखे पत्र में कहा कि दुष्कर्म की घटनाओं से समाज में भय, घृणा का माहौल बन रहा है. हम मानते है कि एक बच्ची मां दुर्गा का रुप होती है और इसलिए मैं नारी सम्मान के लिए अपने सभी विकास कार्याें की शुुरुआत कन्याओं के चरण वंदना के साथ ही करता हूं. मध्यप्रदेश ऐसा विधेयक पारित करने वाला भारत का पहला राज्य बना, जिसमें 12 साल से कम की बच्ची के साथ बलात्कार करने पर फांसी की सजा है, लेकिन कानून में कड़े दंड के प्रावधान होने के बावजूद नर पिशाच, आपराधिक मानसिका के लोग नहीं डरते ओर ऐसी घटनाओं को अंजाम देते हैं, लेकिन न्यायपालिका के माध्यम से ऐसे लोगों को कड़ी सजा मिले, समाज में शांति और सद्भाव लाने के लिए भी यह हमारा कर्तव्य है.
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि भारत के मुख्य न्यायाधीश के रुप में आप जानते हैं कि इंदौर के मामले में जहां सात दिनों में जांच पूरी हो गई और 22 दिन तक मुकदमा चलाया गया, लेकिन जब तक उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालयों द्वारा अपील का निर्णय नहीं लिया जाता, शीघ्रता से न्याय नहीं किया जा सकता है. मैं यह नहीं कहता कि एक अभियुक्त को निष्पक्ष ट्रायल का अधिकार नहीं है, लेकिन तेजी से ट्रायल होने से बलात्कार पीड़िता की मनोवैज्ञाकि पीड़ा कम होगी और दूसरों के लिए एक उदाहरण भी बनेगी.
मुख्यमंत्री ने देश के मुख्य न्यायाधीश से अनुराध किया कि ऐसे मामले में सुनवाई में तेजी लाने के लिए एवं इस मुद्दे को देखने के लिए फास्ट ट्रेक उच्च न्यायालयों की स्थापना की जाए. साथ ही सुनवाई की वर्तमान व्यवस्था में दुष्कर्म के मामलों को प्रमुखता दी जाए.
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने चीप जस्टिस आफ इंडिया से फास्ट ट्रेक हायर कोर्ट के गठन की मांग की है. उन्होंने इस मांग का पत्र चीप चस्टिस दीपक मिश्रा को लिखा है.
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने प्रदेश के मंदसौर, ग्वालियर, धार और सतना में मासूम बच्चियों के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में चीप जस्टिस आफ इंडिया को लिखे पत्र में कहा कि दुष्कर्म की घटनाओं से समाज में भय, घृणा का माहौल बन रहा है. हम मानते है कि एक बच्ची मां दुर्गा का रुप होती है और इसलिए मैं नारी सम्मान के लिए अपने सभी विकास कार्याें की शुुरुआत कन्याओं के चरण वंदना के साथ ही करता हूं. मध्यप्रदेश ऐसा विधेयक पारित करने वाला भारत का पहला राज्य बना, जिसमें 12 साल से कम की बच्ची के साथ बलात्कार करने पर फांसी की सजा है, लेकिन कानून में कड़े दंड के प्रावधान होने के बावजूद नर पिशाच, आपराधिक मानसिका के लोग नहीं डरते ओर ऐसी घटनाओं को अंजाम देते हैं, लेकिन न्यायपालिका के माध्यम से ऐसे लोगों को कड़ी सजा मिले, समाज में शांति और सद्भाव लाने के लिए भी यह हमारा कर्तव्य है.
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि भारत के मुख्य न्यायाधीश के रुप में आप जानते हैं कि इंदौर के मामले में जहां सात दिनों में जांच पूरी हो गई और 22 दिन तक मुकदमा चलाया गया, लेकिन जब तक उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालयों द्वारा अपील का निर्णय नहीं लिया जाता, शीघ्रता से न्याय नहीं किया जा सकता है. मैं यह नहीं कहता कि एक अभियुक्त को निष्पक्ष ट्रायल का अधिकार नहीं है, लेकिन तेजी से ट्रायल होने से बलात्कार पीड़िता की मनोवैज्ञाकि पीड़ा कम होगी और दूसरों के लिए एक उदाहरण भी बनेगी.
मुख्यमंत्री ने देश के मुख्य न्यायाधीश से अनुराध किया कि ऐसे मामले में सुनवाई में तेजी लाने के लिए एवं इस मुद्दे को देखने के लिए फास्ट ट्रेक उच्च न्यायालयों की स्थापना की जाए. साथ ही सुनवाई की वर्तमान व्यवस्था में दुष्कर्म के मामलों को प्रमुखता दी जाए.
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