शुक्रवार, 6 जुलाई 2018

पार्टी खर्च पर निकालें जनआशीर्वाद यात्रा

 नेता प्रतिपक्ष ने कहा प्रदेश में आर्थिक आपातकाल के हालात
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान सरकारी खर्च के बजाए पार्टी के खर्च पर जनआशीर्वाद यात्रा निकालें. उन्होंने कहा कि प्रदेश आर्थिक आपातकाल की स्थिति बनी हुई है और मुख्यमंत्री अपनी ब्रांडिंंग और चुनाव जीतने के लिए यह यात्रा कर रहे हैं.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मध्यप्रदेश में आर्थिक आपात काल की स्थिति है. 4-5 माह पहले कांग्रेस ने प्रदेश के आर्थिक हालातों को लेकर चेताया था, लेकिन फिजूलखर्ची, मुख्यमंत्री की ब्रांडिंग और चुनाव जीतने के लिए की जा रही अव्यवहारिक घोषणाओं से प्रदेश के आर्थिक हालात खराब हो गए हैं और यहीं कारण है कि 15 साल बाद जो भाजपा प्रदेश की आर्थिक स्थिति, कर्ज और ओवर ड्राफ्ट को लेकर घी पीने का आरोप लगाती थी आज उसी की सरकार इन चीजों से घिर गई है. मुख्यमंत्री सरकारी खर्च पर निकालने वाली जनआशीर्वाद यात्रा को पार्टी खर्च से निकाले क्योंकि इसके लिए वे भाजपा पार्टी का प्रचार करने जा रहे हैं.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार अपने मुह पर लगी कालिख छुपाने के लिए ओवर ड्राफ्ट को वेंज एंड मींस का नाम दे रही है. जो जनता को मूर्ख बनाने की हास्यापद कोशिश है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चुनावी फायदों के लिए की जा रही घोषणाओं को बंद करें. अगर उन्हें प्रदेश की चिंता है, यहां की जनता की चिंता है तो वे अगले 6 महीने बाद नया जनादेश प्राप्त कर काम करें क्योंकि जो काम ये पिछले 15 साल में नहीं कर पाए तो इन 6 महीनों में उसे करने की क्या मजबूरी है. उन्होंने कहा कि ओव्हर डाफ्ट के संबंध में राज्य सरकार और रिजर्व बैंक के बीच क्या पत्राचार हुआ इसे सार्वजनिक किया जाए. नेता प्रतिपक्ष ने यह पूछा कि क्या यह सही है कि एडीबी ने राज्य सरकार को ऋण के मामले में डिफाल्टर घोषित कर दिया है?
नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल
* क्या यह सही है कि इसकी वजह से राज्य सरकार चीन के एनडीबी (न्यू डेव्लपमेंट बैंक) से सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए 25 हजार करोड़ का ऋण ले रही है.
* क्या यह सही है कि इस आशय का राज्य सरकार का पत्र लेकर प्रमुख सचिव मोहम्मद सुलेमान और प्रमुख अभियंता अखिलेश अग्रवाल बीजिंग गए थे जहां बैंक का मुख्यालय है.
* मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 1 नवंबर 2017 से 30 जून 2018 तक कितनी घोषणाएं की और सरकार ने ऐसे कितने निर्णय लिए जिनसे सरकार पर वित्तीय भार बढ़ा.
* मुख्यमंत्री की घोषणाओं और सरकार द्वारा उक्त अवधि में लिए गए निर्णयों से कितनी राशि की अतिरिक्त आवश्यकता होगी.
* क्या आज प्रदेश के प्रति नागरिक पर 22 हजार रूपए का कर्ज है. 

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