कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा शिकायतें जिला स्तर पर निपटाएं अधिकारीप्रदेश में कानून व्यवस्था सर्वोपरि है. जिला मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारियों का संयुक्त दायित्व होता है कि कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति को पहले भांप लें और जरूरी कार्रवाई करें. सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि आमजन का कार्य जिलास्तर पर ही हो. लोगों को भोपाल या मंत्रालय न आना पड़े. हमने कलेक्टर को सशक्त किया है और आगे भी करेंगे.
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने यह बात आज मंत्रालय में आयोजित कमिश्नर-कलेक्टर कांफ्रेंस में कही. कांफे्रंस में मुख्य सचिव एसआर मोहंती सहित कई विभागों के प्रमुख सचिव, अपर मुख्य सचिव और सचिव भी मौजूद रहे. कांफें्रस में मुख्यमंत्री कर्जमाफी, कानून व्यवस्था और अन्य मुद्दों पर चर्चा के साथ योजनाओं पर फीडबैक लिया. इस दौरान जय किसान फसल ऋण माफी योजना, ग्रीष्म ऋतु में पेयजल प्रबंध, प्रोजेक्ट गौ-शाला, स्व-रोजगार योजनाओं की समीक्षा, राजस्व प्रकरणों की समीक्षा, बिजली बिलों को ठीक करने, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और आगामी बोर्ड परीक्षाओं जैसी प्राथमिकताओं के संबंध में विस्तृत चर्चा भी होगी.
कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री ने सभी कमिश्नरों, कलेक्टरों और अधिकारियों से कहा कि संभाग और जिला स्तर पर आप सरकार का चेहरा हैं. गरीबों और वंचितों को उनका अधिकार मिले, उनके काम आसानी से हों इस पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करें. प्रदेश में कानून व्यवस्था सर्वोपरि है. जिला मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारियों का संयुक्त दायित्व होता है कि कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति को पहले भांप लें और जरूरी कार्रवाई करें.
उन्होंने कहा कि मेरी चिंता है कि युवा स्वाभिमान योजना से अधिक से अधिक युवा लाभांवित हों. मैं चाहूंगा कि कलेक्टर व्यक्तिगत रूचि लेकर युवा बेरोजगारों से संवाद करें और उनकी काउंसलिंग करें. साथ ही उन्हें योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित करें. उन्होंने कहा कि हमारा संविधान हमें समाज के निचले तबके को सशक्त करने और गरीबों व वंचितों को न्याय दिलाने के लिए प्रेरित करता है. उन्होंने कहा कि सभी जिला कलेक्टरों से मेरा आग्रह है कि जरूरतमंद और गरीब लोगों की चिंता मेरी तरफ से आप करें. जनसुनवाई, लोकसेवा गारंटी, सीएम हेल्पलाइन और समाधान एक दिन की व्यवस्थाएं सुदृढ़ हों. उन्होंने कहा कि हम सुशासन को जिलास्तर पर दोबारा लेकर गये हैं. सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि आमजन का कार्य जिलास्तर पर ही हो. लोगों को भोपाल या मंत्रालय न आना पड़े. हमने कलेक्टर को सशक्त किया है और आगे भी करेंगे. मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आनलाइन डायवर्सन प्रोसेस की शुरूआत की. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने दो आवेदकों को पत्र भी सौंपे.





























