प्रदेश के मीसाबंदियों की संख्या नहीं मालूम सरकार कोमध्यप्रदेश में मीसांबंदी पेंशन को सरकार द्वारा बंद नहीं किया जा रहा है. प्रदेश में मीसाबंदियों की संख्या कितनी है, इसकी भी जानकारी सरकार को नहीं है. सरकार इसकी जानकारी एकत्रित करा रही है.
यह जानकारी आज राज्य विधानसभा में भाजपा विधायक डा. नरोत्तम मिश्रा के प्रश्न के लिखित जवाब में सामान्य प्रशासन मंत्री डा. गोविंद सिंह ने दी. उन्होंने बताया कि प्रदेश में कितने मीसाबंदी है इसकी जानकारी एकत्रित कराई जा रही है. मंत्री ने बताया कि यह पेंशन ऐसे लोकतंत्र सेनानी जो एक माह से कम समय के लिए जेल में बंद रहे हों उन्हें 8 हजार रुपए प्रतिमाह और एक माह से अधिक समय के लिए जेल में बंद रहने वाले लोकतंत्र सेनानियों को 25 हजार रुपए प्रतिमाह की दर से सम्मान राशि की पात्रता होगी. मंत्री ने बताया कि यह पेंशन बंद नहीं की जा रही है. उन्होंने बताया कि यह पेंशन आपातकाल के दौरान राजनीतिक या सामाजिक कारणों से मीसा या डीआईआर के अधीन जेल या पुलिस थानों में बंद रहे लोगों को दी जा रही है.
सरोगेसी क्लीनिकों में 79 बच्चों का हुआ जन्म
मध्यप्रदेश के 21 पंजीकृत सेरोगेसी क्लीनिकों में 1 जनवरी 2012 से अब तक 79 बच्चों का जन्म हुआ है. बच्चा प्राप्त करने वाले दंपत्तियों में विदेशी दंपत्ति नहीं है. यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट ने भाजपा विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया के प्रश्न के लिखित जवाब में दी. मंत्री ने बताया कि प्रदेश में सेरोगेसी क्लीनिकों के लिए तय नियमों के तहत 21 क्लीनिक पंजीकृत हैं. 1 जनवरी 2012 से अब तक इन क्लीनिकों में 79 बच्चों का जन्म हुआ है. इनमें बच्चा प्राप्त करने वाले कोई भी विदेशी दंपत्ति नहीं है. मंत्री ने बताया कि सेरोगेसी हेतु बच्चा चाहते वाले दंपत्ति से सेरोगेसी क्लीनिक द्वारा 1 लाख रुपए से 1.75 लाख रुपए और पराई कोख वाली महिला के आपसी समझौते के अनुसार 4 लाख से 5 लाख की राशि कोख में बच्चा पालने वाली महिला को दी जाती है. शासन द्वारा कमजोर परिवारों के लिए किसी तरह की कोई रियायत देने का प्रावधान नहीं है.
नहीं है प्रशिक्षित स्टाफ
स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट ने आज स्वीकार किया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छपारा में ईसीसी के लिए प्रशिक्षित स्टाफ नहीं है. इसके कारण लोगों को ईसीजी की सुविधा नहीं मिल पा रही है. सिलावट ने भाजपा विधायक दिनेश राय मुनमुन के प्रश्न के लिखित जवाब में यह बात स्वीकार की. उन्होंने कहा कि जिन स्वास्थ्य केन्द्रों पर ईसीजी और पैथोलाजी की सुविधयाएं नहीं है, वहां पर यह तय किया जा रहा है कि भविष्य में यह सुविधा उपलब्ध कराई जा सके.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें