शुक्रवार, 15 फ़रवरी 2019

आयोग ने पुलिस महानिदेशक से मांगा तीन दिनों में जवाब

मानव अधिकार हनन के दो मामलों में आयोग एडीजी राजेन्द्र कुमार मिश्रा के पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र देने के बाद घर पर इलाज करने की घटना को संज्ञान में लिया है. आयोग ने इस मामले में पुलिस महानिदेशक से तीन दिन में जवाब मांगा है. 
मानव अधिकार आयोग के  अध्यक्ष न्यायमूर्ति  नरेन्द्र कुमार जैन ने  मध्यप्रदेश पुलिस में एडीजी के पद पर कार्यरत राजेन्द्र कुमार मिश्रा के पिता के लिए बंसल अस्पताल ने 14 जनवरी को डेथ प्रमाण पत्र जारी किया था, लेकिन एडीजी मिश्रा पिता का जीवित बताकर उनका इलाज कराने की घटना को संज्ञान में लिया है. आयोग ने मिश्रा के बंगले पर कार्यरत दो जवानों को पिता की देखभाल में लगाया गया था जो कि बदबू और संक्रमण का शिकार होकर बीमार हो गए हैं. आयोग ने इस मामले में संज्ञान लेकर पुलिस महानिदेशक, भोपाल से तीन दिन में प्रतिवेदन मांगा है. 
 पुलिस ने आरोपियों को थाने बुलाकर छोड़ा
भोपाल के टीला जमालपुरा क्षेत्र में अपृहत किशोरी के साथ गैंगरेप मामले के आरोपियों को पुलिस ने थाने बुलाकर छोड़ देने तथा इस मामले में पीड़िता का कहना है कि अपहरण के दिन छह लोगों ने उसके साथ गैंगरेप कर एक महिला दलाल से देह व्यापार के लिए उसका सौदा कर दिया था. आयोग ने इस मामले में संज्ञान लेकर पुलिस उप महानिरीक्षक, भोपाल से एक सप्ताह में प्रतिवेदन मांगा है.

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