गुरुवार, 21 फ़रवरी 2019

गरीब सवर्ण आरक्षण मुद्दे पर भाजपा ने हंगामा कर किया बहिर्गमन

 विधानसभा अध्यक्ष द्वारा चर्चा कराने की मांग न मानने पर किया हंगामा

मध्यप्रदेश विधानसभा में आज लगातार दूसरे दिन गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का मामला गर्माया. भाजपा ने इसे लेकर सदन में चर्चा कराए जाने की मांग की, मगर विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने इसकी अनुमति नहीं दी. इस पर भाजपा विधायकों ने जमकर हंगामा किया और सदन की कार्रवाई से बहिर्गमन कर दिया.
राज्य विधानसभा की आज की कार्रवाई शुरु होते ही भाजपा ने फिर गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की. यह मुद्दा नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव सहित अन्य भाजपा विधायकों ने उठाया. इस पर भाजपा विधायक सदन में चर्चा कराने की मांग करने लगे, मगर विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने उन्हें अपने स्थानों पर बैठ जाने को कहा, इस दौरान भाजपा विधायकों ने जमकर हंगामा किया और चर्चा कराने की मांग को दोहराते रहे. विधानसभा अध्यक्ष द्वारा जब उनकी मांग को स्वीकार नहीं किया गया तो भाजपा विधायकों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया.
मंत्रियों को लगाई फटकार
विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापित ने आज मंत्रियों को फटकार लगाई और नाराज होकर पांच मिनट के लिए सदन की कार्रवाई को स्थगित भी कर दिया. दरअसल शून्यकाल के दौरान मंत्री जयवर्धन सिंह, प्रियव्रत सिंह और सुखदेव पांसे  कुछ विधायकों से झूंड बनाकर चर्चा कर रहे थे. इस दौरान अध्यक्ष ने उन्हें कहा कि वे अपने स्थान पर जाकर बैठे. मगर वे नहीं माने तो नाराज अध्यक्ष ने बिना कुछ कहे कार्रवाई पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी. इस दौरान विपक्ष सदस्यों ने कहा कि मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब सदन को मंत्रियों के इस तरह के रवैये से शर्मसार होना पड़ा है.
यूरिया की कालाबाजारी की आठ शिकायतें
कृषि मंत्री सचिन यादव ने कहा कि प्रदेश में दो महीने में चार जिलों में यूरिया की कालाबाजारी की आठ शिकायतें मिली है.मंत्री ने यह जानकारी आज राज्य विधानसभा में भाजपा विधायक डा. नरोत्तम मिश्रा के प्रश्न के लिखित जवाब में दी. मंत्री ने बताया कि दिसंबर 2018 से अब तक उपलब्धता के अनुसार खाद का वितरण किसानों को किया गया है. इस अवधि में खाद न मिलने को लेकर किसानों ने आंदोलन नहीं किया. उन्होंने कहा कि गुना, दतिया, अशोकनगर, श्योपुराकला, रायसेन, राजगढ़ और होशंगाबाद जिलों में पुलिस की निगरानी में खाद का वितरण कराया गया था, लाठी चार्ज की कहीं कोई शिकायत नहीं मिली. उन्होंने बताया कि जबलपुर में वितरण में अनियमितता की शिकायत मिली थी, जिस पर गोदाम प्रभारी को निलंबित किया गया. सतना में कालाबाजारी की दो शिकायतें मिली. इसी तरह ग्वालियर में चार शिकायतें, होशंगाबाद में एक शिकायत कालाबाजारी और अनियमितता की मिली थी.वहीं दतिया में तीन व्यक्ति निरीक्षण के दौरान बगैरी अनुज्ञप्ति के उर्वरक करते पाये गए जिन पर प्राथमिकी दर्ज  की गई है.
नौकरी लगी पहले, बाद में बना जाति प्रमाण पत्र
स्वास्थ्य विभाग में औषधि निरीक्षक के पद पर शोभित की नौकरी 1997 में लगी थी.उनके जाति प्रमाण पत्र को लेकर शिकायत हुई तो पता चला कि शोभित ने जाति प्रमाण पत्र 2007-08 में बनवाया था. उन्होंने अपना जाति प्रमाण पत्र अनुसूचित जाति, जनजाति (हल्वा) का बनवाया था. यह जानकारी आज राज्य विधानसभा में विधायक प्रदीप पटेल के प्रश्न के लिखित जवाब में जनजातीय मंत्री ओमकार सिंह मरकाम ने दी. उन्होंने बताया कि इस मामले में छानबीन समिति 2018 में दमोह कलेक्टर को पत्र लिखकर जानकारी दी है. वहीं विभाग ने स्वास्थ्य विभाग से भी जानकारी मांगी है.
छिंदवाड़ा को संभाग बनाने का प्रस्ताव नहीं
राज्य विधानसभा में राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि छिंदवाड़ा को संभाग बनाने का प्रस्ताव नहीं है. राजपूत ने यह जानकारी विधायक सुनील उइके के प्रश्न के लिखित जवाब में दी. उन्होंने  बताया कि इस आशय का प्रस्ताव विभाग के पास विचाराधीन नहीं है. वहीं जुन्नारदेव एवं तामिया तहसीलों से दमुआ और देलाखारी को अलग करने की कार्यवाही भी विचाराधीन नहीं है.

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