मध्यप्रदेश में भाजपा अब किसान कर्ज माफी को मुद्दा बनाकर राज्य की कांग्रेस सरकार को घेरेगी. 18 फरवरी से शुरु होने वाले बजट सत्र में भी भाजपा इसी रणनीति के तहत सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है.भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय इकाई के पदाधिकारियों ने प्रदेश संगठन पदाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य की कमलनाथ सरकार को किसान कर्ज माफी के मुद्दे पर घेरा जाए, साथ ही किसानों की समस्याओं को लेकर विरोध तेज किया जाए. इसके चलते भाजपा ने विधायकों का साफ निर्देश दिए हैं कि वे बजट सत्र में सरकार की घेराबंदी करें और सदन से सड़क तक किसानों के मुद्दों को उठाएं. संगठन द्वारा विधायकों के अलावा पदाधिकारियों और जिला इकाईयों को भी कहा गया है कि कानून व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और अवैध उत्खनन के अलावा किसानों के मुद्दों को लेकर सरकार की घेराबंदी तेज कर दी जाए.
नेता प्रतिपक्ष ने लिखा विधायकों को पत्र
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सभी विधायकों को पत्र लिखकर कहा है कि सरकार की सदन में घेराबंदी की तैयारी से वे बजट सत्र में शामिल हों. उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि विधायकों और कार्यकर्ताओं को कोई अधिकारी अगर परेशान करता है तो वे मुझे बताएं. पत्र में विधायकों से कहा गया है कि वे किसान कर्ज माफी के मुद्दे का पूरी ताकत से उठाएं साथ ही अपने क्षेत्र में किसान कर्ज माफी में कहां, किस तरह की दिग्गतें आ रही है, उनकी जानकारी के साथ बजट सत्र में दौरान विधानसभा पहुंचे और कांग्रेस सरकार की घेराबंदी करें.
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