रविवार, 10 फ़रवरी 2019

एंग्लो इंडियन विधायक को लेकर विवाद, राज्यपाल ने मांगी जानकारी

मध्यप्रेश विधानसभा में एंग्लो इंडियन विधायक मनोनीत किए जाने पर विवाद शुरू हो गया है.  राज्यपाल ने मामले में सरकार से जवाब मांगा है. यहां उल्लेखनीय है कि  यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है और इस मुद्दे पर आगामी तारीखों में सुनवाई होना है.
दरअसल एंग्लो इंडियन विधायक के कार्यकाल को लेकर विवाद है. इस मामले में नागरिक उपभोक्ता मंच नामक एक संस्था ने आपत्ति भी दर्ज की है. संस्था ने प्रस्ताव को गलत बताया है और कहा है कि अल्पमत सरकार बचाने के लिए एंग्लो इंडियन विधायक का मनोनयन किया जा रहा है. उपभोक्ता मंच द्वारा इस मामले को लेकर राज्यापाल आनंदी बेन पटेल को भी शिकायत की गई है. इसके बाद राज्यपाल ने इस मामले में सरकार सरकार से जवाब मांगा है.राज्यपाल ने यह भी पूछा है कि जेनिफर मतदाता हैं या नहीं. यहां यह भी उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ खुद एंग्लो इंडियन विधायक मनोनयन को लेकर राज्यपाल से मिले थे और उनसे चर्चा कर नाम भी बताया था.हालांकि जेनिफर मसाइल ने इस बात का खुलासा किया है कि वे यहां की मतदाता भी है और उनके पास वोटर आईडी के अलावा आधार कार्ड भी है. इस मामले को लेकर उपभोक्ता मंच के अलावा एंग्लो इंडियन एसोसिएशन जबलपुर ने भी राज्यपाल और मुख्यमंत्री से शिकायत की है. एसोसिएशन के अध्यक्ष फिलिप पामर ने कहा कि हमें जेनिफर के नाम पर आपत्ति है. यहां यह भी उल्लेखनीय है कि जेनिफर का नाम महाकौशल के एक विधायक के माध्यम से ही मुख्यमंत्री तक पहुंचा था. ये विधायक मुख्यमंत्री कमलनाथ के निकटतम बताए जा रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि  संविधान की धारा 331 में राज्यपाल को विधानसभा के लिए दो एंग्लो इंडियन विधायक का चुनाव करने का अधिकार है. 15वें संविधान संशोधन में एंग्लो इंडियन के कार्यकाल के समय अवधि को 2020 तक बढ़ाया था जो 2021 तक प्रभावी है लेकिन वर्तमान राज्य सरकार का कार्यकाल 2024 तक है.

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