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| इमरती देवी |
मध्यप्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी शिवपुरी में आंगनाबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच पहुंची थी. यहां पर जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को संवाद के लिए बुलवाया गया था. इस दौरान एक कार्यकर्ता के सवाल ने मंत्री के अलावा वहां हर उपस्थित व्यक्ति को आश्चर्य में डाल दिया. हुआ यह कि संवाद के दौरान मंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं से उनकी शैक्षणिक योग्यता के बारे में भी जानकारी हासिल की. इस दौरान एक कार्यकर्ता ने हाथ उठाया और मंत्री से प्रश्न पूछने की इच्छा जाहिर की. जिसके बाद इमरती देवी ने कहा पूछिए आप क्या पूछना चाह रही हैं, इस पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने जवाब में कहा, आप हमसे तो पूछ रही है आपकी एजुकेशन क्या है? लेकिन आपकी क्वालिफिकेशन क्या है ये तो बताइए. इस पर मंत्री खफा हो गई और कार्यकर्ता से यह पूछ लिया आपको नौकरी करनी है या नहीं. वहीं मंत्री ने कहा कि आप कार्यकर्ता हैं, तभी महिला ने जवाब दिया कि वह कार्यकर्ता नहीं, बल्कि सहायिका हैं. महिला के प्रश्न का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि आपको अगर मानदेय कम लग रहा है तो हट जाओ, जो काम करेगी हम उसे देंगे. आप इस नौकरी को छोड़ दीजिए कहीं अच्छी सैलेरी पर काम कीजिए.
उल्लेखनीय है कि इमरती देवी का नाम इससे पहले भी सुर्खियों में आ चुका है. 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में वह मुख्यमंत्री का संदेश भी नहीं पढ़ पाईं थी. ग्वालियर में गणतंत्र दिवस के मुख्य कार्यक्रम में तिरंगा फहराने के बाद उन्हें संदेश पढ़ना था, लेकिन वो अटकने लगीं. काफी देर कोशिश के बाद जब उनसे नहीं पढ़ा गया, तो उन्होंने मंच से ही कह दिया था कि अब आगे कलेक्टर साब पढ़ेंगे. इतना कहकर वह हंसते हुए किनारे खड़ी हो गईं. प्रदेश की कैबिनेट मंत्री की ये हालत देख मौजूद अधिकारी व लोग भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए थे. इसके पूर्व मंत्री पद की शपथ लेने के बाद मंत्री जब गुना जिले के प्रवास पर पहुंची तो उन्होंने काम को लेकर कार्यकर्ताओं से यहां तक कह दिया था कि आफिस में फाइलों के ढेर देखकर उन्हें नींद आती है.

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