मध्यप्रदेश में लगातार हो रहे अपहरण की घटनाओं के बाद राजनीतिक पारा भी तेज हो गया है. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सरकार पर किए हमले का जवाब भी पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने दिया है. अजय सिंह ने कहा कि ट््वीट करने वाला व्यक्ति ही सरगना हो सकता है. दरअसल शिवराज सिंह ने ट्वीट करते हुए अपने शासनकाल में डकैतों के खात्मे को लेकर कहा था कि मैंने अपने कार्यकाल में कहा था कि प्रदेश में या तो डकैत रहेंगे या फिर मैं रहूंगा.
अपहरण को लेकर सियासत गर्मा गई है.हाल ही में इंदौर के बाद सतना जिले में दो बच्चों के अपरण की घटनों से राजनेताओं ने एक-दूसरे को लेरक मोर्चा खोल दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताई है. उन्होंने अपने शासनकाल की डकैत समस्या और उसके खात्मे का जिक्र करते हुए ट्वीट किया और कहा, मुझे याद है कि जब मैं पहली बार मुख्यमंत्री बना था तब मैंने कहा था मध्यप्रदेश में या तो शिवराज रहेगा या तो फिर डाकू. चौहान ने अपने इस ट्वीट के जरिए राज्य सरकार से अपेक्षा की है कि सरकार अपराध पर काबू पाने की इच्छा शक्ति से काम करे. उल्लेखनीय है कि राज्य के सतना में तेल कारोबारी के दो बेटों के अपहरण के बाद कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं.
वहीं पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि शिवराज के मुख्यमंत्री न रहने से डाकू फिर आ गए. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि इन सबका सरगना वो व्यक्ति हो सकता है जो टष्ट्वीट कर रहा है. अजय सिंह का इशारा सीधे तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान की ओर है.
मुख्यमंत्री ने मांगी रिपोर्ट
अपहरण के इस मामले को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी गंभीरता से लिया और पुलिस महानिदेशक वी.पी.सिंह से रिपोर्ट मांगी है. जबकि सिंह ने अपहरणकर्ताओं को पकड़वाने वाले को 50 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा भी कर दी है. इसके अलावा मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश दोनों राज्यों की पुलिस मिलकर अपहरण करने वालों के खिलाफ आपरेशन चलाए हुए है.
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| शिवराज सिंह चौहान |
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| अजय सिंह |
वहीं पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि शिवराज के मुख्यमंत्री न रहने से डाकू फिर आ गए. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि इन सबका सरगना वो व्यक्ति हो सकता है जो टष्ट्वीट कर रहा है. अजय सिंह का इशारा सीधे तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान की ओर है.
मुख्यमंत्री ने मांगी रिपोर्ट
अपहरण के इस मामले को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी गंभीरता से लिया और पुलिस महानिदेशक वी.पी.सिंह से रिपोर्ट मांगी है. जबकि सिंह ने अपहरणकर्ताओं को पकड़वाने वाले को 50 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा भी कर दी है. इसके अलावा मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश दोनों राज्यों की पुलिस मिलकर अपहरण करने वालों के खिलाफ आपरेशन चलाए हुए है.


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