बार कौंसिल आफ इंडिया के आव्हान पर वकीलों के अधिकारों की रक्षा और न्यायपालिका की स्वतंत्रता सहित अन्य मांगों को लेकर आज राजधानी में वकीलों ने प्रतिवाद दिवस मनाया. इस दौरान वकीलों ने न्यायालयीन कार्य नहीं किया. इसके चलते अदालत में आज पेशियों पर पहुंचे लोग परेशान होते रहे.
बार कौंसिल आॅफ इंडिया के आव्हान पर आज प्रदेश के वकीलों ने न्यायालयीन कार्य नहीं किया. इस दौरान अदालत परिसर में वकीलों ने प्रदर्शन किया. बार कौंसिल आफ इंडिया की मुख्य मांगों में अधिवक्ताओं के बैठने के लिए चेम्बर, हाल, ई-लायब्रेरी, अधिवक्ता और उनके परिवारों के लिए इंश्योरेंस सुविधा, पेंशन और पांच वर्ष तक स्टायफंड की सुविधा देने की मांग की गई है. स्टेट बार कौंसिल के उपाध्यक्ष दिनेश नारायण पाठक ने कहा है कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के पहले वचन दिया था कि सत्ता में आते ही एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट, नए अधिवक्ताओं को बैठने की सुविधा और 25 हजार रुपए की सहायता राशि, 5 लाख रुपए मृत्यु दावा, बीमारी में 5 लाख रुपए तक की सहायता और ई-लायब्रेरी की सुविधा दी जाएगी. राज्य सरकार को एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट सहित अन्य मांगों को जल्द पूरा करना चाहिए.
बार कौंसिल आॅफ इंडिया के आव्हान पर आज प्रदेश के वकीलों ने न्यायालयीन कार्य नहीं किया. इस दौरान अदालत परिसर में वकीलों ने प्रदर्शन किया. बार कौंसिल आफ इंडिया की मुख्य मांगों में अधिवक्ताओं के बैठने के लिए चेम्बर, हाल, ई-लायब्रेरी, अधिवक्ता और उनके परिवारों के लिए इंश्योरेंस सुविधा, पेंशन और पांच वर्ष तक स्टायफंड की सुविधा देने की मांग की गई है. स्टेट बार कौंसिल के उपाध्यक्ष दिनेश नारायण पाठक ने कहा है कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के पहले वचन दिया था कि सत्ता में आते ही एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट, नए अधिवक्ताओं को बैठने की सुविधा और 25 हजार रुपए की सहायता राशि, 5 लाख रुपए मृत्यु दावा, बीमारी में 5 लाख रुपए तक की सहायता और ई-लायब्रेरी की सुविधा दी जाएगी. राज्य सरकार को एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट सहित अन्य मांगों को जल्द पूरा करना चाहिए.

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