
मध्यप्रदेश विधानसभा में गृह मंत्री बाला बच्चन द्वारा मंदसौर गोली कांड को लेकर दिए बयान को लेकर आज भी घमासान मचा रहा. भाजपा विधायकों ने सदन के बाहर मीडिया से चर्चा करते हुए मंत्री के इस बयान पर कांग्रेस और मुख्यमंत्री कमलनाथ पर सीधा हमला बोला, जबकि कांग्रेस के मंत्री आज बचाव की मुद्रा में नजर आए. मंत्रियों ने अधिकारियों को निशाने पर लिया और कहा कि जवाब तैयार करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी.
गृह मंत्री बाला बच्चन द्वारा मंदसौर गोलीकांड, वन मंत्री उमंग सिंगार द्वारा विधानसभा में दिए गए प्रश्नों के जवाब में शिवराज सरकार को क्लीन चिट देने की बात सामने आई थी, इस मामले को लेकर आज बुधवार को भी विधानसभा परिसर में भाजपा ने कांग्रेस और मुख्यमंत्री कमलनाथ को घेरा. पूर्व मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कमलनाथ सरकार में जो मंत्री बनाए गए हैं, वे अनुभवहीन है. विधानसभा के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है. मंत्री और मुख्यमंत्री ट्वीट कर विधानसभा के नियमों को तोड़ रहे हैं. मिश्रा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि जब तक पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह अपने पुत्र जयवर्धन सिंह को मुख्यमंत्री नहीं बनवा देते तब तक सरकार ऐसी ही चलती रहेगी.
इस मामले का लेकर विधि मंत्री पी.सी.शर्मा ने इस मामले में कहा कि किसी को भी क्लीनचिट नहीं दी गई है. पूरा मामला मुख्यमंत्री की संज्ञान में है. इस मामले की जांच कराई जा रही है कि जवाब किन अधिकारियों ने दिया और उन पर कार्रवाई की जाएगी. वहीं लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह ने कहा कि विधानसभा में किसी भी तरह का जवाब देने के पहले उसे मंत्रियों को पढ़ लेना चाहिए. इसके अलावा उसका अध्ययन भी करना चाहिए. इसके बाद ही जवाब दिया जाना चाहिए. अधिकारी कोई खुदा नहीं होता, जो हम उसके द्वारा दिए जवाब को सही मान लें.
सिंहस्थ मामले में किसी को नहीं दी क्लीनचिट
नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि सिंहस्थ मामले में सरकार की ओर से किसी को भी क्लीनचिट नहीं दी गई है. उन्होंने कहा कि अभी तक विभाग को रिपोर्ट की नहीं मिली है. सिंह ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने इस मामले की फाइल की गुम करा दी है. इस पूरे मामले को लेकर प्रमुख सचिव को निर्देशित किया है कि जल्द ही यह फाइल निकलवाएं. जो भी इस मामले में दोषी होंगे कार्रवाई की जाएगी.
फिर छलका शेरा का दर्द
बुराहनपुर विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक सुरेन्द्र सिंह शेरा का दर्द आज फिर छलका है. सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेता ऐसे हैं, जो मुख्यमंत्री कमलनाथ तक वास्तविकता ही नहीं पहुंचने दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि मैं खुद कई बार मुख्यमंत्री से मुलाकात करने का समय मांग चुका हूं, मगर मुझे समय ही नहीं मिल रहा है. मैंने सरकार को समर्थन दिया है और मुझे ही विधायक दल की बैठक में नहीं बुलाया गया. उन्होंने कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र में बैनर और पोस्टरों से मेरा चेहरा ही गायब कर दिया जाता है, शायद कांग्रेस को मेरा चेहरा हीं पसंद नहीं है. मैं अपनी सारी बातों को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलूंगा, मैंने उनसे समय मांगा है, अभी तो समय नहीं मिला है, मगर जब मिलेगा सारी बात उनके सामने रखूंगा.
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