बुधवार, 20 फ़रवरी 2019

सैनिक स्कूल के लिए केन्द्र से दिलाएं मदद


राज्य विधानसभा में भिंड जिले में सैनिक स्कूल को लेकर मामला गर्माया. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर तीखे बहस भी हुई. बहस में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्कूल खुलवाने के लिए जो मदद लगेगी वह हम केन्द्र से दिलाएंगे. इस पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी जवाब देते हुए कहा कि भिंड में दूसरा सैनिक स्कूल खुलना चाहिए, इसके लिए आपकों केन्द्र से मदद दिलानी चाहिए, आप तो खजाना पूरा खाली करके गए हैं. इस पर शिवराज सिंह ने जवाब दिया  हम तो सरप्लस करके गए थे.
भिंड जिले में सैनिक स्कूल का मामला बसपा विधायक संजीव सिंह संजू ने प्रश्नकाल में उठाया. उन्होंने कहा कि राज्य के भिंड और मुरैना जिले से अधिक संख्या में सेना में भर्ती होने के लिए युवा जाते हैं. इसका जवाब संसदीय कार्यमंत्री डा. गोविंद सिंह ने दिया. इस पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और अन्य भाजपा नेताओं ने आपत्ति जताई.   प्रदेश में भिंड और मुरैना यह दो जिले ऐसे हैं जहां से सबसे अधिक नौजवान देश की सैन्य सेवाओं में भर्ती होते हैं. इसलिए पूर्व में हमारी सरकार ने इस क्षेत्र में एक सैनिक स्कूल की आवश्यकता महसूस की थी और इसके लिए आवश्यक जरूरतों को पूरा करने की दिशा में कार्य आरंभ किया था, लेकिन इसके लिए धन मुहैया कराना अकेले केंद्र सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, इसमें राज्य सरकार को भी बराबर से अपनी हिस्सेदारी निभानी होगी. उन्होंने कहा कि प्रदेश के रीवा में बने सैनिक  विद्यालय में भी राज्य सरकार समय-समय पर अपना आर्थिक सहयोग देती है, इसी प्रकार से भिंड में भी उसे पहल करना चाहिए. केंद्र से जो भी मदद हो सकेगी उसके लिए हम प्रयास करेंगे. 
इस पर संसदीय मंत्री डा. सिंह ने कहा कि केन्द्रीय स्कूल उसी स्थिति में खोला जा सकता है, जब केन्द्र सरकार इसके लिए 100 करोड़ की मदद करे. उन्होंने कहा कि राशि मिलेगी तभी भवन निर्माण का कार्य शुरु होगा. मंत्री के इस जवाब पर तीखी-नोंक-झोंक भी हुई. फिर मुख्यमंत्री कमलनाथ  हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सरकार भिंड में सैनिक  स्कूल बनाने को लेकर गंभीर है, लेकिन सभी को पता है कि अभी खजाना खाली है. आप मदद करा दीजिए केन्द्र से. इस पर शिवराज सिंह ने जवाब दिया हम तैयार है, मगर खजाना सरप्लस छोड़कर गए थे.

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