बुधवार, 20 फ़रवरी 2019

हमें संविधान का कोई पाठ न पढ़ाएं : कमलनाथ


मध्यप्रदेश विधानसभा में आज मुख्य विपक्षी दल के सदस्यों ने जमकर हंगामा किया. सदन की आज की कार्रवाई शुरु होते ही मंत्रियों द्वारा सोमवार को दिए लिखित जवाब को लेकर भाजपा ने संवैधानिक संकट खड़ा होने की बात कह डाली साथ ही विशेषाधिकार हनन की सूचना देने को कहा. इस पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा को करारा जवाब दिया और कहा कि विपक्ष हमें संविधान का पाठ न पढ़ाए. भाजपा लंबे वक्त के बाद विपक्ष में बैठी है. उसका यह सफर मंगलमय हो.
मध्यप्रदेश विधानसभा में बुधवार को आज की कार्यवाही शुरु होते ही नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और भाजपा के वरिष्ठ विधायक डा. नरोत्तम मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के द्वारा गृह एवं वन विभाग के मंत्रियों को लेकर सार्वजनिक तौर पर की गई टिप्पणी का विषय उठाते हुए कहा कि यह सब कुछ संविधान के विरुद्ध हो रहा है. दोनों ने यहां तक चेतावनी दे डाली कि वे इस विषय को लेकर विशेषाधिकार भंग की सूचना तक दे सकते हैं. इस पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि प्रतिपक्ष के नेता उन्हें संविधान का कोई पाठ न पढ़ाएं. उन्हें मालूम है कि संविधान की क्या मंशा है और क्या मर्यादाएं हैं. हमें सदन की गंभीरता को बनाए रखने के लिए प्रयास करना चाहिए. इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने कहा कि यह सही है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ पूरी तरह से संविधान की मंशा के अनुसार कार्य कर रहे हैं. इसके बाद भी कुछ देर तक वाद-विवाद की स्थिति बनी रही तब विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के स्पष्टीकरण के बाद अब कोई विषय नहीं बचा है.
सवर्ण आरक्षण, मंत्रिमंडल की समिति करेगी फैसला
विधानसभा में शून्य काल के दौरान भाजपा विधायक और पूर्व संसदीय कार्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने अनारक्षित वर्गों के गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण का मुद्दा उठाया. डा. मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार ने संविधान संशोधन करके अनारक्षित वर्गों के गरीबों को आरक्षण देने की व्यवस्था की है. देश के कई राज्य इसे लागू कर चुके हैं, लेकिन मध्यप्रदेश में अब तक यह आरक्षण लागू नहीं किया गया है. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इसका जबाव देते हुए कहा कि गरीबों को आरक्षण देना हमेशा कांग्रेस का विषय रहा है. हमने इस मुद्दे को लेकर मंत्रिमंडलीय उप समिति बना ली है. वह समिति यह विचार करेगी कि किस तरह इसे लागू किया जाना है. आपने कहा कि उप समिति की रिपोर्ट मिलते ही गरीब आरक्षितों को आरक्षण का लाभ देना प्रारंभ कर दिया जाएगा.
उठा पन्ना में इंजीनियरिंग कालेज खोलने का मुद्दा
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री ब्रजेंद्र प्रताप सिंह ने पन्ना  में सरकारी इंजीनियरिग कालेज खोले जाने का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि इसके बारे में पूर्व सरकार ने आदेश जारी कर दिए थे लेकिन अब तक  स्कूल खोले जाने के प्रक्रिया जारी नहीं हुई है. इस पर बाला बच्चन ने कहा कि पिछली सरकार ने आचार संहिता लागू होने के कुछ दिन पूर्व ही पन्ना में इंजीनियरिंग कालेज खोले जाने की स्वीकृति दी थी. हम इन कालेजों के खोले जाने के बारे में विचार कर रहे हैं इस पर शीघ्र ही फैसला होगा. इस पर जब ब्रजेन्द्र सिंह ने समय सीमा बताने की बात की तो उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश में 160 से ज्यादा इंजीनियरिंग कालेज में जिनमें काफी सीटें खाली हैं. जब भाजपा विधायक ने पन्ना में कालेज खोले जाने पर जोर दिया तो मंत्री ने कहा कि अभी डीपीआर बनना है इसके बाद शीघ्र ही हम इस दिशा में कार्य करेंगे.

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