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| शिवराज सिंह चौहान |
मध्यप्रदेश में पिछले 60 दिनों में 736 अधिकारियों के तबादले हो चुके है. प्रशासनिक सर्जरी की जा रही है लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की नजर में ये सर्जरी नहीं बल्कि प्रशासनिक अराजकता है. शिवराज ने कहा कि तबादला मुख्यमंत्री का अधिकार होता है वो इस मामले में राजनीति नहीं करना चाहते, लेकिन जिस तरीके से तबादले किए जा रहे है उससे कोई कामकाज नहीं हो रहा और सबके सब बदल डालूंगा की जो भावना नजर आ रही है वो गलत है.
शिवराज ने ये सवाल भी उठाया कि तबादले क्या मुख्यमंत्री कर रहे है या फिर कोई सुपर पावर है, जो तबादले कर रहा है. इससे कानून व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ रही है, शिवराज के इस बयान पर वित्त मंत्री तरुण भनोत ने पलटवार किया है. ये कहा कि कमलनाथ अनुभवी मुख्यमंत्री है. शिवराज खाली बैठे है, इसलिए वो सवाल उठा रहे है. प्रशासनिक सर्जरी कोई नई बात नहीं है. वहीं लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के तबादलों को लेकर दिए बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि गोपाल भार्गव को अपने गिरेबां में झांकना चाहिए. उन्होंने मंत्री रहते जितने तबादले किए कांग्रेस सरकार ने उसकी सूची निकलवा ली है. भाजपा ने ट्रांसफर को उद्योग बना लिया था. सिंह ने आगे कहा कि जिन अधिकारियो ने जनता का खून चूसा है और जनता के खिलाफ काम किया है, कांग्रेस उन्हें डंके की चोट पर लूप लाईन में डालेगी.

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