बुधवार, 13 फ़रवरी 2019

सीट छोड़ों, नहीं तो कटेगा टिकट

विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन प्रक्रिया में भाजपा वर्तमान सांसदों जिनका परफार्मेंस ठीक नहीं है, उन्हें सीट छोड़कर जिताऊ उम्मीदवार का नाम संगठन को देने को कहेगा. अगर वे ऐसा नहीं करके दावेदारी करते हैं तो उनका टिकट कटना तय है. इसके तहत एक दर्जन सांसद, संगठन के इस निशाने पर हैं.
भाजपा लोकसभा चुनाव में संघ के सर्वे को पूरी तरह मानने का मन बना चुका है. संघ ने एक दर्जन स्थानों पर वर्तमान सांसदों के टिकट काटने की बात भाजपा को कही है. अब भाजपा राष्ट्रीय नेतृत्व ने वर्तमान सांसदों जिनके टिकट कटने हैं उन्हें इस बात के संकेत देने जा रहा है कि वे अपनी दावेदारी न करके उस संसदीय क्षेत्र से जिताऊ उम्मीदवार का नाम वे आगे बढ़ा दें. अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो उनका टिकट काट दिया जाएगा. भाजपा संगठन ऐसा करके प्रत्याशी चयन के वक्त उठने वाले विरोध से बचना चाह रहा है. राष्ट्रीय नेतृत्व ने प्रदेश संगठन को इस बात के संकेत दे दिए हैं कि संगठन और संघ के सर्वे में जिन सांसदों का परफार्मेंस ठीक नहीं है उन्हें साफ कह दिया जाए कि वे  ‘गिवअप टिकट स्कीम’ के तहत अपना टिकट जीताऊ प्रत्याशी को दे दें. सूत्रों की माने तो राष्ट्रीय संगठन ने यह फैसला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और संघ के सर्वे के आधार पर करने जा रहा है. दोनों ही सर्वे की रिपोर्ट में एक दर्जन स्थानों पर प्रत्याशियों के लिए जीत का संकट खड़ा हो रहा है.
शाह ने कहा जिताऊ को तलाशें
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह चाहते हैं कि चुनाव में अधिक से अधिक संख्या में नए चेहरों को उन स्थानों पर उतारा जाए, जहां सर्वे में वर्तमान सांसदों की स्थिति ठीक नहीं पाई गई है. इसके लिए प्रदेश संगठन को साफ कह दिया कि वे वर्तमान सांसदों से चर्चा कर जल्द ही ऐसे नए चेहरों की तलाश करें जो जिताऊ हों. सूत्रों की माने तो सर्वे में बैतूल से ज्योति धुर्वे, भोपाल से आलोक संजर, भिंड से भागीरथ प्रसाद, मुरैना से अनूप मिश्रा, बालाघाट से बोधसिंह भगत, होशंगाबाद से राव उदयप्रताप सिंह, सीधी से प्रीति पाठक, राजगढ से रोडमल नागर और धार से सावित्री देवी के टिकट कटने की पूरी संभावना है. इसके अलावा देवास और खजुराहो संसदीय क्षेत्र के सांसद विधायक बन गए हैं. वहीं सागर के सांसद लक्ष्मीनारायण यादव का टिकट भी संकट में है. उन्हें अधिक उम्र और असक्रिय होने के चलते पार्टी टिकट देने से बच रही है.

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