मध्यप्रदेश के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अर्जुन सिंह की पत्नी सरोज सिंह द्वारा अपने बेटों अजय सिंह और अभिमन्यु सिंह के खिलाफ दायर घरेलू हिंसा का मामला अदालत ने खारिज कर दिया. अदालत ने अजय सिंह और उनकी मां के बीच पूर्व में हुए पारिवारिक बंटवारे को आधार मानते हुए सरोज सिंह का दावा खारिज किया है.पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और उनके भाई अभिमन्यु सिंह के खिलाफ उनकी मां सरोज सिंह ने 19 जून को अदालत में घरेलू हिंसा का मामला पेश किया था. सरोज सिंह ने आरोप लगाए थे कि बेटा अजय सिंह पत्नी के दबाव में केरवा कोठी मेंं रहने नहीं दे रहा है. उन्होंने अदालत से मांग की थी कि उन्हें केरवा कोठी देवश्री में रहने की इजाजत दी जाए. सरोज कुमारी सिंह की ओर से कहा गया था कि वो अपने दोनों बेटों से अलग नोएडा में रह रही हैं. यह मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी गौरव प्रज्ञानन की अदालत में चल रहा था.
अदालत को अजय सिंह के वकील साजिद अली द्वारा बताया गया कि सरोज सिंह और अजय सिंह द्वारा पूर्व में ही पारिवारिक संपत्तियों का बंटवारा हो चुका है. उन्होंने पार्टीशन डीड को भी अदालत में पेश किया था. इसके अलावा डीआईआर रिपोर्ट भी विस्तृत नहीं थी. इस रिपोर्ट में इस बात का कहीं जिक्र नहीं था कि सरोज सिंह के साथ घरेलू हिंसा कब, कहां और किसके सामने हुई थी. साथ ही अजय सिंह द्वारा मां को कभी कोठी में आने से रोकने की बात भी रिपोर्ट सामने नहीं आई.अदालत ने इन सभी तर्कों को सुना और मामले पर सुनवाई करते हुए उन्होंने अजय सिंह और उनकी मां के बीच पूर्व में हुए पारिवारिक बंटवारे को आधार मानते हुए सरोज सिंह का दावा खारिज कर दिया.
यहां उल्लेखनीय है कि भोपाल के केरवा इलाके में बनी अर्जुन सिंह की करोड़ों रुपए कीमत की कोठी और अन्य संपत्तियों सरोज कुमारी सिंह, बेटी वीणा सिंह और बेटों अजय सिंह और अभिमन्यु सिंह के बीच विवाद चल रहा है. उनकी मां सरोज कुमारी सिंह का अदालत में अजय सिंह और अभिमन्यु सिंह के खिलाफ घरेलू हिंसा और भरण-पोषण का मुकदमा दायर करना इसी विवाद का नतीजा है.
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