सोमवार, 25 फ़रवरी 2019

कानून व्यवस्था को लेकर सड़क पर उतरी भाजपा, निकाला पैदल मार्च

गौर ने कमलनाथ सरकार को घेरा, भाजयुमो ने प्रदर्शन कर की सरकार के खिलाफ नारेबाजी
मध्यप्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट में जुड़वा बच्चों के अपहरण के बाद हत्या के मामले को लेकर भाजपा ने सड़क पर उतरकर विरोध तेज कर दिया है. भाजपा ने आज राजधानी में बिगड़ी कानून व्यवस्था और जुड़वा बच्चों की हत्या को लेकर प्रदर्शन किया और पैदल मार्च निकाला. इस दौरान भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की.
सतना जिले के चित्रकूट में अपहृत जुड़वा भाईयों की हत्या को लेकर सरकार के खिलाफ भाजपा मैदान में उतर गई है. भाजपा ने आज राजधानी भोपाल में बोर्ड आफिस चौराहे पर प्रदर्शन किया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. यहां से कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए पुलिस अधीक्षक दक्षिण भोपाल के कार्यालय तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे. इस दौरान रास्ते भर कार्यकर्ताओं ने घटना के लिए सरकार को दोषी ठहराया और गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग की. इस अवसर पर हुजूर के भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि सरकार घटना को लेकर कार्रवाई करे, उन्होंने कहा सरकार तो आरोपियों के भाजपा से जुड़े होने का कहकर बचना चाहती है. शर्मा ने कहा कि सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आरोपियों को सरकार चौराहे पर गोली मारे, भाजपा सरकार के साथ है. उन्होंने कांग्रेस पर अपराधियों को बचाने का आरोप भी लगाया और कहा कि कांग्रेस का ये घिनौना चरित्र है. 
गौर ने घेरा सरकार को
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने जुड़वा भाइयों की हत्या को जघन्य अपराध है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार और पुलिस प्रशासन को इसके लिए जिम्मेदार बताया है. गौर ने पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस पूरे मामले में लापरवाही बरती गई है. बच्चे 12 दिन से गायब थे और पुलिस का इंटलिजेंस बच्चों तक नहीं पहुंच पाया. इस बीच हत्यारों तक पैसे भी पहुंचाए गए. पुलिस क्या कर रही थी, यानि पुलिस का इंटलिजेंस फैल्युर साबित हुआ.
सतना रहा बंद, शिवराज ने निकाला मौन जुलूस
घटना को लेकर सतना में आज भी लोगों का गुस्सा दिखाई दिया. लोगों ने आज सतना बंद रखा. इस दौरान व्यापारियों ने स्वत: ही अपने प्रतिष्ठान बंद रखे. सतना में आज सुबह पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा और स्थानीय लोगों ने मौन जुलूस भी निकाला और बच्चों को श्रद्धांजलि दी.  इससे पहले रविवार को शिवराज सिंह चौहान मृतक बच्चों के परिजन से मिलने पहुंचे थे और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा था . शिवराज ने कमलनाथ सरकार से सवाल पूछा कि दो बच्चों को सरेआम जल समाधि दे दी गई और पुलिस आखिर क्यों कुछ नहीं कर पाई.  शिवराज ने मुख्यमंत्री से इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की है.  आरोपियों का नाम भाजपा से जुड़कर लिए जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि 13 दिन तक क्या करती रही पुलिस,अपराधी की कोई जाति और पार्टी नहीं होती है. शिवराज सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कोई कार्रवाई नहीं करते तो प्रदेश भर में जन आंदोलन करेंगे.
सरकार, पुलिस प्रशासन घटना के लिए दोषी 
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि बच्चों के अपहरण की यह घटना प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा सवालिया निशान है? कही न कही सरकार और पुलिस प्रशासन भी दोषी है इस घटना के लिए. उन्होंने कहा कि अपराधी बेखोफ होकर ऐसी घटनाओं को अंजाम देते है और पुलिस कार्यवाही किये जाने का ढोंग करती है. 12 दिन से लापता बच्चों के अपराधियों को पुलिस एकाएक शव मिलने के तुरंत बाद ही पकड़ लेती है, यह तत्परता पुलिस और शासन ने तभी दिखाई होती जब अपहरण हुआ था तो शायद आज किसी का आंगन सूना नही होता. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अपराधियों के दिल मे पुलिस प्रशासन का खौफ ही नही है.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें