मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा भंग की गई प्रदेश कार्यकारिणी के जल्द गठन किए जाने की बात सामने आते ही दावेदारों ने सक्रियता दिखानी तेज कर दी है. प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए राज्य से एक अनार सौ बीमार वाले कवाहत के तहत 28 दावेदारों ने अपनी दावेदारी कर दी है. अब अखिलेश मुसीबत में हैं कि किसे अध्यक्ष बनाया जाए.मध्यप्रदेश में समाजवादी पार्टी एक तरह से अपना वजूद खो चुकी है. विधानसभा चुनाव में बमुश्किल एक सीट जीतने के बाद अखिलेश यादव ने अच्छे परिणाम न मिलने पर प्रदेश की कार्यकारिणी को भंग कर दिया था. कार्यकारिणी भंग किए जाने के बाद अब लोकसभा चुनाव को देखते हुए अखिलेश जल्द ही पार्टी की नई कार्यकारिणी का गठन करना चाहते हैं. इसके लिए उन्होंने सक्रियता दिखानी शुरु की ही थी कि उनके सामने एक नई मुसीबत आ गई है. प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए अखिलेश के सामने 28 दावेदारों ने अपनी दावेदारी कर दी है. इनमें विधानसभा चुनाव लड़े कंकर मुंजारे का नाम भी शामिल है. मुंजारे के अलावा डा. सुनीलम, डा. शिशुपाल यादव, के.के.सिंह और हरगोविंद चौकसे के नाम शामिल है. अखिलेश के सामने जब यह बात कई तो वे चिंतित हो उठे.
दरअसल अखिलेश मध्यप्रदेश में सपा का वजूद पैदा करते हुए ऐसा अध्यक्ष बनाना चाहते हैं जो जमीन से जुड़े कार्यकर्ता को सक्रिय कर सकें और सपा का वोट बैंक बढ़ा सके. इसके लिए वे युवा और सक्रिय नेता को प्रदेश में पार्टी की बागडोर सौंपना चाह रहे हैं, मगर उन्हें अब तक काई ऐसा व्यक्ति नजर नहीं आया है जिसे वे अध्यक्ष बना सकें. अखिलेश लोकसभा चुनाव में पार्टी का मत प्रतिशत बढ़ाना चाहते हैं, साथ ही संगठन को मजबूत करना भी उनका लक्ष्य है.
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