मध्यप्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ ही घोटाले भी सामने आने लगे हैं. किसान ऋण माफी के चलते कई स्थानों पर ऋण घोटाला सामने आया तो अब राशन घोटाला भी सामने आ रहा है. इस घोटाले के तहत राज्य में 5 करोड़ 44 लाख हितग्राहियों के राशन कार्ड बने हैं, जबकि राज्य की जनसंख्या कुल 7 करोड़ है. यह मामला जब सामने आया तो राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने आंकड़ों का सत्यापन कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं. मंत्री का मानना है कि इस योजना में बड़ा घोटाला हुआ है.
राज्य के मुख्यमंत्री कमलनाथ खुद किसान ऋण घोटाले में 3 हजार करोड़ के घोटाले की बात कह रहे हैं. इस मामले का अभी पटाक्षेप भी नहीं हुआ था कि अब राज्य में एक और घोटाला सामने आ रहा है. इस घोटाले को राज्य के खाद्य मंत्री प्रद्युम्नसिंंह तोमर स्वीकार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे अधिकारियों को इस मामले में आंकड़ों के सत्यापन कराने के निर्देश दे चुके हैं. बताया जाता है कि प्रदेश में करीब 5 करोड़ 44 लाख हितग्राहियों के राशन कार्ड बने है, जबकि मध्यप्रदेश की कुल आबादी साढ़े 7 करोड़ है. यानी महज दो करोड़ लोग है जो सरकारी राशन नहीं नहीं लेते, इन पांच करोड़ लोगों को राशन भी बांटा जा रहा है. लेकिन सरकार को ये आंकड़े संदिग्ध लगते है इसलिए अब हर हितग्राही का सत्यापन करवाने की तैयारी है. पिछले 15 सालों में इन आंकड़ों पर कई बार विवाद हुआ, विधानसभा में भी इस पर तीखी बहस हुई है. अब खाद्य और आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्मन सिंह तोमर ने आंकड़ों के सत्यापन के निर्देश दिए है.
राज्य के मुख्यमंत्री कमलनाथ खुद किसान ऋण घोटाले में 3 हजार करोड़ के घोटाले की बात कह रहे हैं. इस मामले का अभी पटाक्षेप भी नहीं हुआ था कि अब राज्य में एक और घोटाला सामने आ रहा है. इस घोटाले को राज्य के खाद्य मंत्री प्रद्युम्नसिंंह तोमर स्वीकार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे अधिकारियों को इस मामले में आंकड़ों के सत्यापन कराने के निर्देश दे चुके हैं. बताया जाता है कि प्रदेश में करीब 5 करोड़ 44 लाख हितग्राहियों के राशन कार्ड बने है, जबकि मध्यप्रदेश की कुल आबादी साढ़े 7 करोड़ है. यानी महज दो करोड़ लोग है जो सरकारी राशन नहीं नहीं लेते, इन पांच करोड़ लोगों को राशन भी बांटा जा रहा है. लेकिन सरकार को ये आंकड़े संदिग्ध लगते है इसलिए अब हर हितग्राही का सत्यापन करवाने की तैयारी है. पिछले 15 सालों में इन आंकड़ों पर कई बार विवाद हुआ, विधानसभा में भी इस पर तीखी बहस हुई है. अब खाद्य और आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्मन सिंह तोमर ने आंकड़ों के सत्यापन के निर्देश दिए है.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें